PAPI HARISHCHANDRA

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पतितपावन भाजपा मैं डुबकी लगाओ स्वच्छ कहलाओ

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व्यंग्य..सदियों से चला आ रहा गंगा स्वच्छता अभियान कैसा रहे इसमें संशय हो सकता है किन्तु भारतीय जनता पार्टी मैं डुबकी लगते अवश्य स्वच्छता का आभास हो जायेगा। लोक में स्वच्छ योगी ब्राह्मण सी छवि हो जाएगी। बड़े बड़े भ्रष्ट भी भाजपा में डुबकी लगते स्वच्छ हो मोक्ष के भागी होते जा रहे हैं।

एक युग था जब देवता और राक्षस दो वर्ग थे देवता कितना भी धन रख सकते थे। साक्षात लक्ष्मी जी विष्णु देव की अर्धांगिनी थी। देव राज इन्द्र के पास तो असंख्य धन वैभव शक्ति थी। कुबेर के पास इतना धन होता था की उसे धन का पर्याय ही माना जाता था। समय समय पर देवताओं  की धन संपत्ति पर राक्षस  अधिकार कर लेते थे | लंका पति राक्षस राज रावण ने भी कुबेर की अकूत धन संपत्ति पर अधिकार कर लिया था | रावण पर विजय पाने और लंका पर अधिकार चुकाने के बाद भी पुरुषोत्तम राम ने उदारता से लंका को उसकी अकूत धन संपत्ति सहित उसके भाई विभीषण को लौट दी थी | कहीं भी उस अकूत धन संपत्ति को काली नहीं कहा गया | लक्ष्मी तब कभी भी काली नहीं होती थी | लक्ष्मी किसी के भी पास रहे वो लक्ष्मी स्वरुप ही होती थी |

युग बदला आर्य अनार्य आए लक्ष्मी तब भी लक्ष्मी स्वरुप रही | राज तंत्र बना धन लक्ष्मी बनी रही | यवन आए, मुस्लमान आए ,लुटेरे आए ,अंग्रेज आए धन , लक्ष्मी स्वरुप पूज्य ही रही। दो वर्ग फिर भी बने गोरे(अंग्रेज ) और काले( इंडियंस ) मुस्लमान और गैर मुस्लमान, गैर मुस्लमान काफिर (हिन्दू ) वेद शास्त्रों  ,उपनिषदों ,पुराणों के ज्ञाता सनातन धर्मी भी कहाँ पीछे रहते | मुस्लमान और अंग्रेज उनके लिए मांसाहारी अशुद्ध  बन गए| ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य ,शुद्र चार वर्णों मैं विभक्त सनातन धर्म प्रताड़ित शूद्रों से लबालब भर चूका था ,जिनको सम्मान देकर मुस्लिम और ईसाई पोषित होते रहे | ब्राह्मण की शुद्धि शूद्रों को उपजाति  रही  जिनसे  मुस्लिम और ईसाई फलता  फूलता गया | जितना ब्राह्मणत्व जगता रहा शूद्रों की उपज बढ़ती रही |

योग से मन को ,शरीर  को कर्मों  को शुद्ध करते हुए ब्राह्मण ब्रह्म लीन  होते रहे | ईश्वर से साक्षात्कार का अधिकार केवल उन्हें ही रहा | जिसकी उपलब्धि उन्हैं स्वच्छता से ही मिलती रही | अतः स्वच्छता से योगी बने ब्राह्मण ईश्वर से साक्षात्कार करते गए | पुरातन युग मैं .ब्राह्मणों ने कभी भी अपनी इस योग विद्या को किसी गैर ब्राह्मण को दिया | इस योग विद्या को पाने के पात्र होने के लिए स्वच्छता जरूरी होती है जो गैर ब्राह्मण के पास नहीं होती | युग बदला लोकतंत्र आया योग विद्या सार्वजानिक होती गयी | गीता ज्ञान सर्व सुलभ हुआ वेद शाश्त्र सर्व सुलभ हुए किन्तु कोई भी गैर ब्राह्मण ईश्वर साक्षात्कार नहीं कर पाया | गैर ब्राह्मण मैं स्वच्छता से ब्राह्मणत्व  लाये  बिना लोक कल्याण नहीं किया जा सकता था | अतः मन को स्वच्छ करने के लिए योगाभ्यास , तन को स्वच्छ करने के लिए स्वच्छता अभियान  ,धन और कर्मों को शुद्ध  करने के लिए नोटबंदी करना आवश्यक हुआ |

लोक तंत्र का युग है केवल ब्राह्मण ही योगाचरण करते ईश्वर साक्षात्कार करके मोक्ष  कैसे पा सकता है | गैर ब्राह्मण भी मोक्ष के अधिकारी होने चाहिए | अतः भारत की सम्पूर्ण जनता सम्पूर्ण स्वच्छता पाकर मोक्ष्य मार्ग पर जानी चाहिए | योगाभ्यास से मन , स्वच्छता अभियान से शरीर  और भूमि  ,और नोट बंदी  से आचरण शुद्ध हो जायेगा | तन मन और धन शुद्ध होते आचरण शुद्ध होते भ्रष्टाचार ,व्यभिचार  का कहीं  भी नाम  और निशान  नहीं  रह पायेगा | सम्पूर्ण भारत ब्राह्मणत्व को पाकर मोक्ष पाता  जायेगा| युग बदला अब भारत मैं केवल दो ही वर्ग हैं ,एक वे जो काले धन से काले होकर भ्रष्ट हो चुके हैं ,दूसरा वह जो काले धन से रहित स्वच्छ हो ब्राह्मणत्व पा चुके हैं | दूसरे अर्थों में सत्ताधारी दल जो काले धन का सर्वनाश कर आचरण में स्वच्छता लाना चाहती है |सर्वत्र ब्राह्मणत्व लाना ही उसका लक्ष्य है | दूसरी तरफ सम्पूर्ण विपक्ष जो काले धन को समाज के लिए राक्षशों ,अनार्यों  , काले इंडियंस , शूद्रों  की तरह बनाये रखना चाहता है ताकि  उनका  मोक्ष्य मार्ग जान  सुलभ न हो सके और वे प्रलय तक उनके वोट बैंक  से पोषित  होते रहें  |

ब्राह्मणत्व प्राप्त कर चुके भारत के प्रधान मंत्री जी के मोक्ष मार्ग का अनुसरण आम जनता अपने मन से भक्ति भाव से स्वीकार  कर रही  है | उनके लिए वे ही उद्धारक मोक्ष मार्ग के आराध्य हैं | श्रद्धा भक्ति पूर्वक आराधना ,अनुसरण करना ही केवल मोक्ष है | जब आराध्य ही ब्रह्मणैव प्राप्त हैं तो वे सब भी अपने आप भक्त ब्राह्मणत्व प्राप्त कहलायेंगे | भगवन राम के भक्त हनुमान स्वयं पूज्य हो गए तो क्यों नहीं वे भी पूज्य कहलायेंगे | जो भारतीय जनता पार्टी मैं आ गया ,जो मोदी जी  का भक्त हो गया उसका मान  सम्मान रूपी  अच्छे दिन आ ही जायेंगे | उसका उद्धार मोक्ष अवश्य ही हो जायेगा | जो भारतीय जनता पार्टी मैं आ गया मानो वह मोदी भक्त बन गया और योगेश्वर मोदी का भक्त .राम भक्त हनुमान की तरह ही पूज्य बन जायेगा | राक्षस राज रावण के अनुयायी राक्षस ही कहलायेंगे किन्तु भगवन राम के अनुयायी भक्त बन, बानर हनुमान होते हुए भी पूज्य संकट मोचक बन जायेंगे |

राहुल गाँधी पहले व्यक्ति  हैं जो  खाटें  लुट जाने पर भी खुश हैं धन्य हो ..किन्तु कपिल बिना लुटे पाहिले से दुखी हैं |100 वर्ष पूर्ण  कर चुकी कांग्रेस ब्रह्मत्व की ज्ञानी अनुभवी है वह जानती है की ब्राह्मणत्व प्राप्ति के स्वच्छता के लिए सम्पूर्ण स्नान जरुरी नहीं है उसे केवल .सोच के बाद और भी शुद्धि के लिए हाथ मैं गंगा जल या जल लेकर केवल अपने ऊपर छिड़कते भगवन विष्णु  का स्मरणकरना ही काफी होता है |  ॐ अपवित्रो पवित्रो वा सर्वावस्थाम गतोअपि वा |  या स्मरेतपूंडरीकाक्षम    सा बाह्मभ्यन्तरः शुचिः| (मनुष्य अपवित्र  हो या पवित्र अथवा किसी भी दशा मैं हो जो पुंडरीकाक्ष कमलनयन भगवन श्री विष्णु भगवन का स्मरण करता है ,वह बाहर और भीतर  सब  ओर से शुद्ध हो जाता है |)

कितना सुगम मार्ग है शुद्धि का। इससे भी आगे शुद्धि मार्ग गीता ज्ञान है। कहा भी है- मल निर्मोचनं पुंसां जल स्नानं दिने दिने | सकृदिताम्भसि स्नानं संसार मल नाशनं || (जल मैं प्रतिदिन किया हुआ स्नान मनुष्यों के केवल शारीरिक मल का नाश करता है ,किन्तु गीता ज्ञान रूप जल मैं एक बार भी किया हुआ स्नान संसार मल को नष्ट कर देता है) जो मनुष्य सदा गीता का पाठ करने वाला है तथा योग  प्राणायाम मैं तत्पर रहता है उसके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं | क्यों  नव जवान भारतीय जनता पार्टी इस सुगम ब्राह्मणत्व प्राप्ति के स्वच्छता मार्ग से विमुख हो ,सम्पूर्ण स्वच्छता पाकर ब्राह्मणत्व के कठिन मार्ग को अपना रही है? मार्ग कितना भी कठिन क्यों न हो भक्ति मैं लीन जनता को तो मोक्ष मार्ग नोटबंदी  झेलना ही आनंद दायक लग रहा है |

नोटबंदी के बाद राजस्थान  गुजरात ,और महाराष्ट्र मैं निकाय चुनाव के साथ ही लोक  सभा और विधानसभा  की खाली सीटों के लिए हुए उपचुनावों मैं भारतीय जनता पार्टी की जीत भक्तों की आस्था  को सिद्ध करती है | भक्त अपने आराध्य के लिए लाइन मैं घंटों खड़ा रह सकता है लड़ सकता है मर सकता है | बर्बाद हो सकता है किन्तु उसकी आस्था मैं कोई दुराव नहीं आ सकता | भक्ति मैं शक्ति होती है,और निस्वार्थ भाव से की गयी भक्ति ही अच्छे दिनों से मोक्ष देती है | एकम  शास्त्रं    देवकी   पुत्र  गीतमेको  देवो  देवकी  पुत्र  एवः  | एको मन्त्रस्तस्य नामानि यानि कर्माप्येकं तस्य देवस्य सेवा | (देवकीनंदन का कहा हुआ  शास्त्र ही एक मात्र उत्तम शास्त्र है ,देवकी नंदन ही एक मात्र महान देवता हैं ,उनके नाम ही एक मात्र मन्त्र हैं , और उनकी सेवाभक्ति  ही एक मात्रा कर्तव्य धर्म कर्म है )

भारत मैं एक बार फिर दो वर्ग हो गए हैं काले और गोरे जिनके पास काला धन है वे काले कहलायेंगे और जिनके पास काला धन नहीं है वे गोरे कहलायेंगे | सम्पूर्ण विपक्ष जो नोटबंदी का विरोध कर रहा है काला कहलायेगा या सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ब्राह्मणत्व प्राप्त गोरी कहलाएगी? क्या सम्पूर्ण भारत ब्राह्मणत्व प्राप्त हो गोरा बन जायेगा ?   या सम्पूर्ण भारत गैर ब्राह्मणत्व प्राप्त कालों के अधिकार मैं आ जायेगा?अब रंग भेद अब काले धन धारक और काले धन से रहित का होगा? लोकतंत्र में सत्ता उसी के पास आती है जिसका बहुमत होता है| कैसे पहिचाने जायेंगे काले और गोरे? सदियों से चला आता गंगा  स्वच्छता अभियान  कैसा रहे इसमें संशय हो सकता है किन्तु भारतीय जनता पार्टी मैं डुबकी लगते अवश्य स्वच्छता का आभाष   हो जायेगा  | लोक मैं स्वच्छ योगी ब्राह्मण सी छवि  हो जाएगी | ॐ शांति शांति शांति



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19 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
January 2, 2017

आदरणीय विष्ट जी प्रोत्साहन के लिए आभार ओम शाति शांति 

ashasahay के द्वारा
December 31, 2016

माननीय श्री हरिश्चन्द्र जी,,बहुत सुन्दर व्यंग्यात्मक आलेख।सम्मान के लिए बधाई।

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    January 2, 2017

    आदरणीय आशा जी आभार आपके प्रोत्साहन पाकर मै भी व्यंग्य मेघ यज्ञ कर व्यंग्य सम्राट का सपना देख रहा हूॅ । शायद मोदी जी की तरह ओम शांति शांति मिल जाये ।

Shobha के द्वारा
December 30, 2016

श्री हरीश जी लेख को यथोचित सम्मान मिलने के लिए हार्दिक बधाई

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    January 2, 2017

    आदरणीय शोभा जी आभार आपका उत्साहवर्धन ही मुझे उत्प्रेरीत करता है ।ओम शांति शाति 

एल.एस. बिष्ट् के द्वारा
December 29, 2016

साप्ताहिक सम्मान के लिए बधाई । बहुत सटीक और सार्थक व्यग्य । मौजूदा राजनीति पर बहुत अच्छा लिखा है । लिखते रहें ।

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    January 2, 2017

    आदरणीय विष्ट जी प्रोत्साहन के लिए आभार ओम शाति शांति

sadguruji के द्वारा
December 29, 2016

आदरणीय हरीश चन्द्र शर्मा जी ! अच्छे व्यंग्य लेख की प्रस्तुति के लिए और ‘बेस्ट ब्लॉगर आफ दी वीक’ सम्मान से सम्मानित होने पर सादर अभिनन्दन और हार्दिक बधाई ! उगते सूरज को सभी प्रणाम करते हैं ! भाजपा की भी यही स्थिति है ! बहुत दिन बाद मंच पर आप आये ! आशा है है किअब आपकी उपस्थिति बनी रहेगी ! सादर आभार !

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    January 2, 2017

    आदरणीय सदगुरु जी नव वर्ष मंगलमय हो ,आपका पेम  प्यार आशीर्वाद ही मंच पर आने को लालाईत करता है ।  ओम शांति शांति 

jlsingh के द्वारा
December 28, 2016

साप्ताहिक सम्मान के लिए बहुत बहुत बधाई सर जी!

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    December 30, 2016

    आदरणीय  जवाहर जी आभार ओम शांति  

Jitendra Mathur के द्वारा
December 25, 2016

आपके इस गूढार्थयुक्त लेख का भावार्थ समझ समझ गया हूँ मैं । आप पापी हैं और प्रधानमंत्री ‘गंगा’ की मानिंद पवित्र । खूब व्यंग्य कसा है आपने। भिगो-भिगोकर मारा है ।

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    December 25, 2016

    आदरणीय माथुर जी आभार ,व्यंग तभी सार्थक होता है ।जब  विद्वजन उसको समझते उत्पेरक व्याख्या कर प्रोत्साहित करते है । ओम शांति शांति 

jlsingh के द्वारा
December 25, 2016

सदियों से चला आता गंगा स्वच्छता अभियान कैसा रहे इसमें संशय हो सकता है किन्तु भारतीय जनता पार्टी मैं डुबकी लगते अवश्य स्वच्छता का आभाष हो जायेगा | लोक मैं स्वच्छ योगी ब्राह्मण सी छवि हो जाएगी | ॐ शांति शांति शांति… आदरणीय हरिश्चनद्र साहब, आपकी लिखी हर बात को समझना तो मेरे बूते के बाहर है… पर यही समझ में आया जो आपका शीर्षक और सारांश कहता है. एक शंका है सर जी, भाजपा के पास कला धन नहीं है या जो भी धन है वह गंग के सामान शुद्ध और पवित्र है… यहीं शंका होती है. पर राक्षस कुल समझ नहीं पायेगा. उसे न तो गीता ज्ञान है नहीं ब्राह्मणों का आशीर्वाद प्राप्त है.क्या मई समझ पाया हूँ आदरणीय! आप काफी दिनों बाद अवतरित हुए हैं. लगता है तपस्या में लीन थे. सादर !

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    December 27, 2016

    आदरणीय जवाहर जी ,आभार ,नहले पर दहला व्यंग ।जैसे गॅुगे से इसारों मैं ही बात होने लग जाती वैसे ही व्यंग पडते व्यंगात्मक टिप्पणी ।ओम शांति शांति 

Shobha के द्वारा
December 24, 2016

श्री हरीश जी काफी समय बाद आपको फिर से ब्लॉग में देखा पक्के राजनीतिक व्यंग पढ़े व्यंग क्या पूरा राजनीतिक चिंतन था पढ़ कर सोचने को विवश हो गयी बहुत अच्छे व्यंग कुछ पात्र भी उत्तम रहे जैसे राम के भक्त हनुमान .शायद अमित शाह भारतीय जनता पार्टी तो मोदी जी के पदचिन्ह नहीं उनकी के पीछे जी हजूर हो रही है लोकतंत्र के सन्दर्भ में ब्राह्मणत्व की परिभाषा उत्तम सम्पूर्ण लेख दो बार शान्ति से पढा जानने को बहुत कुछ मिला

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    December 27, 2016

    आदरणीय शोभा जी आभार ,ओम शांति हुई 

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
December 24, 2016

ब्राह्मणत्व प्राप्त कर चुके भारत के प्रधान मंत्री जी के मोक्ष मार्ग का अनुसरण आम जनता अपने मन से भक्ति भाव से स्वीकार कर रही है | उनके लिए वे ही उद्धारक मोक्ष मार्ग के आराध्य हैं | श्रद्धा भक्ति पूर्वक आराधना ,अनुसरण करना ही केवल मोक्ष है | जब आराध्य ही ब्रह्मणैव प्राप्त हैं तो वे सब भी अपने आप भक्त ब्राह्मणत्व प्राप्त कहलायेंगे | भगवन राम के भक्त हनुमान स्वयं पूज्य हो गए तो क्यों नहीं वे भी पूज्य कहलायेंगे | जो भारतीय जनता पार्टी मैं आ गया ,जो मोदी जी का भक्त हो गया उसका मान सम्मान रूपी अच्छे दिन आ ही जायेंगे | उसका उद्धार मोक्ष अवश्य ही हो जायेगा | जो भारतीय जनता पार्टी मैं आ गया मानो वह मोदी भक्त बन गया और योगेश्वर मोदी का भक्त .राम भक्त हनुमान की तरह ही पूज्य बन जायेगा | राक्षस राज रावण के अनुयायी राक्षस ही कहलायेंगे किन्तु भगवन राम के अनुयायी भक्त बन, बानर हनुमान होते हुए भी पूज्य संकट मोचक बन जायेंगे |

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
December 24, 2016

लोक तंत्र का युग है केवल ब्राह्मण ही योगाचरण करते ईश्वर साक्षात्कार करके मोक्ष कैसे पा सकता है | गैर ब्राह्मण भी मोक्ष के अधिकारी होने चाहिए | अतः भारत की सम्पूर्ण जनता सम्पूर्ण स्वच्छता पाकर मोक्ष्य मार्ग पर जानी चाहिए | योगाभ्यास से मन , स्वच्छता अभियान से शरीर और भूमि ,और नोट बंदी से आचरण शुद्ध हो जायेगा | तन मन और धन शुद्ध होते आचरण शुद्ध होते भ्रष्टाचार ,व्यभिचार का कहीं भी नाम और निशान नहीं रह पायेगा | सम्पूर्ण भारत ब्राह्मणत्व को पाकर मोक्ष पाता जायेगा| युग बदला अब भारत मैं केवल दो ही वर्ग हैं ,एक वे जो काले धन से काले होकर भ्रष्ट हो चुके हैं ,दूसरा वह जो काले धन से रहित स्वच्छ हो ब्राह्मणत्व पा चुके हैं | दूसरे अर्थों में सत्ताधारी दल जो काले धन का सर्वनाश कर आचरण में स्वच्छता लाना चाहती है |सर्वत्र ब्राह्मणत्व लाना ही उसका लक्ष्य है | दूसरी तरफ सम्पूर्ण विपक्ष जो काले धन को समाज के लिए राक्षशों ,अनार्यों , काले इंडियंस , शूद्रों की तरह बनाये रखना चाहता है ताकि उनका मोक्ष्य मार्ग जान सुलभ न हो सके और वे प्रलय तक उनके वोट बैंक से पोषित होते रहें |


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