PAPI HARISHCHANDRA

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मोदी..,नरेन्द्र(श्रीकृष्ण)से विश्वगुरु(पुरुषोत्तम)

Posted On: 24 Aug, 2016 Others,हास्य व्यंग,Politics में

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व्यंग .….अब कलियुग है | राजतन्त्र न होकर लोकतंत्र है जिसमें सभी को पुरुषोत्तम सिद्ध करने का सामान अधिकार प्राप्त है | ….कांग्रेस युग के अनेकानेक पुरुषोत्तम होते रहे | जिन्हें पुरुषोत्तम बनने मैं लंबा समय लगा | किन्तु अब इन्टरनेट युग आ चूका है | रोबोट युग है ,टेक्नोलॉजी दिन दूनी रात चौगुनी विकसित हो रही है | अतः पुरुषोत्तम भी मात्र क्लिक से ही बन रहे हैं |……………….Image result for shri krishna images…………………………………………………………..बचपन से ही छोटे छोटे राज्यों को फतह करते श्रीकृष्ण नरेन्द्र बने | इस लोक के कंस जैसे राक्षस का नाश करके ,और अन्य असंख्य राजाओं को परास्त करते करते श्रीकृष्ण नरोत्तम बन गए किन्तु नरोत्तम उनका लक्ष्य नहीं था वे अपने को सम्पूर्ण विश्व का गुरु यानि पुरुषोत्तम सिद्ध करना चाहते थे | पुरुषोत्तम यानि विश्व गुरु …….|  अतः महाभारत ही साध्य था | जिससे पहिले विराट स्वरुप को दर्शाना और श्रीमद भगवत गीता से अर्जुन को प्रोत्साहित करना मार्ग बना | अंततः महाभारत मैं विजय से श्रीकृष्ण पुरुषोत्तम (विश्व गुरु ) सिद्ध हो ही गए | स्वर्ग के इंद्रा का दर्प नाश करके वे पृथ्वी के बाहर भी पुरुषोत्तम बन गए | विश्व ही नहीं ,इह लोक ही नहीं ,तीनों लोकों मैं भगवन स्वरुप मैं स्थापित पुरुषोत्तम कहलाये | उनकी भक्ति करना धर्म बन गया | हर प्रकार की सिद्धियों की कारक उनकी भक्ति बन गयी | …………………………………………………………………………….भगवन राम को पुरुषोत्तम सिद्ध किया गया | उन्होंने स्वयं कभी नहीं कहा की वे पुरुषोत्तम हैं | किन्तु भगवन श्री कृष्ण ने स्वयं को पुरुषोत्तम कहा भी है और सिद्ध भी किया है | श्रीमद भगवत मैं उन्होंने स्वयं को पुरुषोत्तम के साथ साथ ईश्वर परमेश्वर भी कहा है | उनके समकालीन एक और कृष्ण भी रहे थे जिन्होंने स्वयं को पुरुषोत्तम कहते परमेश्वर अवतार सिद्ध करने का असफल प्रयास किया था | ……………………………………….अब कलियुग है | राजतन्त्र न होकर लोकतंत्र है जिसमें सभी को पुरुषोत्तम सिद्ध करने का सामान अधिकार प्राप्त है | ….कांग्रेस युग के अनेकानेक पुरुषोत्तम होते रहे | जिन्हें पुरुषोत्तम बनने मैं लंबा समय लगा | किन्तु अब इन्टरनेट युग आ चूका है | रोबोट युग है ,टेक्नोलॉजी दिन दूनी रात चौगुनी विकसित हो रही है | अतः पुरुषोत्तम भी मात्र क्लिक से ही बन रहे हैं |………………………………………………………………………टेक्नोलॉजी से पुरुषोत्तम बनने के अविष्कारक अरविन्द्र केजरीवाल ने सभी राजनीतिज्ञों को पुरुषोत्तम मार्ग सुगम कर दिया |…………. जिस काम को कांग्रेस ७० वर्ष मैं न कर सकी, वह सब भारतीय जनता पार्टी ने मात्र दो वर्षों मैं करके पुरुषोत्तमी विद्या सिद्ध कर ली | भारतीय जनता पार्टी के भी धुरंधर अटल बिहारी बाजपेयी जी , लाल कृष्ण आडवाणी जी जैसे भी पुरुषोत्तम बनने मैं वर्षों लगा बैठे | ..किन्तु माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी इस विधा को मात्र दो वर्ष से कुछ अधिक मैं ही सिद्ध कर चुके हैं | वे इस देश के ही नहीं सम्पूर्ण विश्व के पुरुषोत्तम बनते जा रहे हैं | कोई भी धर्म हो , कोई भी जाति हो ,कोई भी पार्टी हो ,या कोई भी देश क्यों न हो उनके पुरुषोत्तम होने को मान चूका है | …………………………………………………………………….योगेश्वर श्री कृष्ण की तरह ही मोदी जी भी योगेश्वर से पुरुषोत्तम सा तेज पा चुके हैं | वे कृष्ण की तरह स्वयं भी अपने को पुरुषोत्तम कहते हैं और उनके तेज से प्रभावित विश्व भी पुरुषोत्तम की भक्ति मैं मगन होता जा रहा है | जैसे भगवन श्री कृष्ण की भक्ति लोक परलोक सुधार देती है वैसे ही मोदी जी की भक्ति भी लोक परलोक मार्ग सुगम कर रही है | …………………………………………………….जैसे भगवन कृष्ण ने अल्प समय मैं ही अनेकानेक सिद्धियों से महाभारत युद्ध जीताया था और अधर्म का नाश करके ,धर्म की स्थापना की थी | वैसे ही मोदी जी भी अल्प समय मैं विश्व विजय करते धर्म की स्थापना करते जा रहे हैं | विश्व गुरु यानि पुरुषोत्तम मान लेना ही पड़ेगा | धर्म ,अर्थ ,काम पर विजय पाते मोक्ष तो होगा ही | ……………………………………………………………….श्री कृष्ण ने योग को परलोक से भी आगे मुक्ति मार्ग कहा किन्तु मोदी जी ने उसे इसी लोकवासियों के उद्धार के लिए स्थापित कर दिया | राम मंदिर ,हिन्दू ,गाय, दलित और कश्मीर का उद्धार मार्ग सुलभ करते वे बलूचियों के उद्धार मार्ग पर चल पड़े हैं | पाप ,पापियों के साथ पाकिस्तान का नाश करते महाभारत की तरह विजय पाकर धर्म की स्थापना करनी है | इंदिरा गाँधी की तरह बांग्लादेश के बाद बलूचिस्तान की स्थापना करनी है | …..बृहद कश्मीर स्थापित करना है | ……………………………………………………………………विश्व की सबसे बड़ी सेना वाली कौरवी (चीनी )शक्ति का साथ पाकर कर्ण (पाकिस्तान ).कितना ही क्यों न उछल ले , कवच कुण्डलों (अटॉमिक पावर ) से शक्तिवान बन जाये नरेंद्र (श्रीकृष्ण) की कुशल नीतियों .और अमेरिकी शक्तियों से कभी भी पार नहीं पा सकेगा | विश्व के अन्य नेता नरोत्तम तक ही पहुँच जाएँ इतना ही बहुत है | सर्व प्रिय सर्व जन हिताय मित्रों और शत्रुओं मैं भी सामान रूप से लोकप्रिय नरेंद्र ही पुरुषोत्तम कहलायेंगे | …………………………………………………………………………………………….भगवन श्री कृष्ण कहते हैं …………मैं नाशवान जड़ बर्ग से और अविनाशी जीवात्मा से भी उत्तम हूँ इसलिए लोक मैं पुरुषोत्तम नाम से प्रसिद्द हूँ | जो ज्ञानी पुरुष मुझको पुरुषोत्तम रूप को जानता है वही सब प्रकार से मुझको भजता है | ……………………….ऐसा ही कुछ आभाष मोदी जी के रूप मैं दर्शित होता है | …………………………………………………भगवन राम और उसके बाद श्रीकृष्ण के बाद पुरुषोत्तम का ताज हमारे लोक प्रिय नरेंद्र मोदी जी ही सुशोभित करेंगे | लोक कल्याण करते वे ही पुरुषोत्तम नाम से विश्व विख्यात होंगे | ………………………………………………………………………………...ॐ शांति शांति शांति



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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

harirawat के द्वारा
September 3, 2016

हरिश्चंद्र जी मजा आगया, इस कमाल के अद्भुत विचारों से लैश, कौरव रूपी चीन की धजी उड़ाकर, कपटी पाकिस्तान के अहम् रूपी गुब्बारे की हवा निकाल कर , श्री मोदी जी को भगवान् श्रीकृष्ण जी के बाद पुरुषोत्तम का ताज पहनाकर, ‘धोती फटी सी लट्टी, दुपट्टी’ रोमांचकारी भाषा को शब्दकोष से निकालकर, तराश कर, जो लेख निकला, एक बार मून खुला तो खुला ही रह गया ! जय श्री राम, श्रीकृष्ण चंद्र जी की जय !

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    September 3, 2016

    हरिरावत जी आभार ,हर हर महादेव (रावत जी ) ओम शांति शांति 

Shobha के द्वारा
August 30, 2016

श्री हरीश जी वर्तमान परिस्थित का महाभारत काल से मिलान कर सुंदर ब्यंग | सही लिखा है आपने आज सभी अपने आप को परमेश्वर मानते हैं राजनेताओं के साथ धर्म गुरु साक्षात भगवान बन रहे हैं यहीं नहीं बालीवुड के एक्टर तक पूजने लगे हैं |

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    August 30, 2016

    शोभा जी आभार ,विना महाभारत कैसे पुरुषोत्तम । अब एक महाभारत का इंतजार ।और ओम शांति शांति 

jlsingh के द्वारा
August 28, 2016

एक प्रश्न – उनके समकालीन एक और कृष्ण भी रहे थे जिन्होंने स्वयं को पुरुषोत्तम कहते परमेश्वर अवतार सिद्ध करने का असफल प्रयास किया था | वे कौन थे मैं नहीं समझ सका… पर वर्तमान नरेन्द्र की प्रतिभा से तो सभी हतप्रभ हैं, अब तो हम सबको भी ‘नमो नमो’ का पाठ शुरू कर ही देना चाहिए, क्योंकि एकै साधे सब साधे, ॐ शांति शांति शांति! आदरणीय श्रधेय श्री हरिश्चन्द्र जी,

    Jitendra Mathur के द्वारा
    August 29, 2016

    कृष्ण के समकालीन जिस व्यक्ति का आप संदर्भ दे रहे हैं आदरणीय जवाहर जी, उसका नाम पौण्ड्रक था । पुंड्र देश का राजा पौण्ड्रक स्वयं को पौण्ड्रक वासुदेव कहा करता था क्योंकि उसके चापलूस सभासद उसे बहकाया करते थे कि वह कृष्ण से किसी भी तरह कम नहीं था और पृथ्वी का उद्धार करने हेतु वही अवतरित हुआ था । इस बहकावे में आकर पौण्ड्रक वासुदीव ने कृष्ण जैसे वस्त्राभूषण, कृत्रिम हस्त तथा कृत्रिम अस्त्र-शस्त्र भी धारण करना आरंभ कर दिया था । अन्य शब्दों में वह कृष्ण का बहुरूप धारण करके रहा करता था । जब उसने अहंकार में आकर कृष्ण को संदेश भिजवाया कि वे अपने प्रतीक चिह्न धारण करना छोड़ दें तथा उसकी (अर्थात् वास्तविक वासुदेव की) शरण में आ जाएं तो कृष्ण ने उससे युद्ध करने का निर्णय लिया एवं काशी पर चढ़ाई कर दी जहाँ के राजा के पास वह उन दिनों रह रहा था । युद्ध में पौण्ड्रक कृष्ण का ही वेश धरकर आया एवं अपने मित्र काशीनरेश के साथ ही कृष्ण के हाथों मारा गया ।

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    August 29, 2016

    जवाहर जी आपके संसय का बहुत सुन्दर निवारण माथुर जी ने कर दिया है ।वास्तव मै वर्तमान श्री क्रष्ण (मोदी जी)बलुचिस्तान मै ही गीता ज्ञान देकर नव महाभारत जीतकर पुरु षोत्म बनेंगे । 

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    August 29, 2016

    जवाहर जी आपके संसय का बहुत सुन्दर निवारण माथुर जी ने कर दिया है ।वास्तव मै वर्तमान श्री क्रष्ण (मोदी जी)बलुचिस्तान मै ही गीता ज्ञान देकर नव महाभारत जीतकर पुरुषोत्तम  बनेंगे । अगला महाभारत बलुचिस्तान होगा ।काश्मीर ब्रहद होगा ,जो भारत मै बिलीन होगा । और विश्व ओम शांति शांति के लिए मोदी को पुरुषोत्तम (विश्व गुरु ) स्वीकारेगा ।

Jitendra Mathur के द्वारा
August 27, 2016

आपके व्यंग्य लेख पढ़कर मैं स्तब्ध रह जाता हूँ हरिश्चंद्र जी । क्या कहूँ ? क्या लिखूँ ? शब्द साथ छोड़ देते हैं ।

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    August 28, 2016

    जितेन्द्र जी  आभार …महान योद्धा अर्जुन भी भगवान का विराट स्वरुप देख कर स्तब्ध रह गया । ,कुछ बोलते लिखते ना बना और,,ओम शांति शांति की कामना करने लगा ।

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
August 26, 2016

…विश्व की सबसे बड़ी सेना वाली कौरवी (चीनी )शक्ति का साथ पाकर कर्ण (पाकिस्तान ).कितना ही क्यों न उछल ले , कवच कुण्डलों (अटॉमिक पावर ) से शक्तिवान बन जाये नरेंद्र (श्रीकृष्ण) की कुशल नीतियों .और अमेरिकी शक्तियों से कभी भी पार नहीं पा सकेगा | विश्व के अन्य नेता नरोत्तम तक ही पहुँच जाएँ इतना ही बहुत है | सर्व प्रिय सर्व जन हिताय मित्रों और शत्रुओं मैं भी सामान रूप से लोकप्रिय नरेंद्र ही पुरुषोत्तम कहलायेंगे |

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
August 26, 2016

…भगवन राम और उसके बाद श्रीकृष्ण के बाद पुरुषोत्तम का ताज हमारे लोक प्रिय नरेंद्र मोदी जी ही सुशोभित करेंगे | लोक कल्याण करते वे ही पुरुषोत्तम नाम से विश्व विख्यात होंगे |


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