PAPI HARISHCHANDRA

SACH JO PAP HO JAYEY

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यह कैसा नारी सशक्तिकरण ...?

Posted On: 26 Jan, 2015 हास्य व्यंग,Politics,Others में

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हमारे देश के माननीय प्रधान मंत्री जी नारी सशक्तिकरण पर महान सम्भासन करते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को महिला अधिकारी विंग कमांडर पूजा ठाकुर के नेतृत्व मैं गार्ड ऑफ़ ऑनर देकर भारत की नारी सशक्तिकरण दर्शाते हैं | किन्तु माता जसोदावेन को अपनी अर्धांगनी भी मानते हैं और साथ भी नहीं रखते | देश मैं आने वाले महान राष्ट्राध्यक्षों का भी सम्मान अकेले ही करते हैं | किसी महान व्यक्ति की यह कैसी मर्यादा होगी ..? | भगवन राम का माता सीता का परित्याग की मर्यादा समाज की नारियां आज तक भोग रही हैं | माता जसोदावेन तो मोदी जी के प्रधान मंत्री बनने पर और भी दुखद कैद सी भुगत रही हैं | प्रधानमंत्री की अर्धांगिनी होने का सुरक्षा चक्र उन्हें कैदी सा आभास करा रहा है | यदि पत्नी स्वीकार किया है तो क्यों नहीं साथ रखकर एक प्रथम महिला का सम्मान दे रहे हैं ,जबकि माता जसोदावेन एक सुशिक्षित नारी हैं | मोदी जी नारी सशक्तिकरण की राजनीतिक सम्भासन करते हैं किन्तु प्रत्यक्ष मैं अपनी ही अर्धांगिनी को बनवास दे रखा है | आम जनता पर इस मर्यादा का क्या सन्देश जायेगा …? जैसा भद्र जन करते हैं आम जन वैसा ही अनुकरण करते हैं ,ऐसा गीता मैं भगवन श्रीकृष्ण ने कहा है | वास्तविकता मैं भी ऐसा ही होता है | ………………………………………………………...भारत की आधी आबादी नमो नमः तभी करेगी जब नरेंद्र अपनी भूल को सुधारते जसोदा वेन को अपनाएंगे | सार्वजानिक तौर पर एक साथ दिखेंगे ,साथ साथ सुख दुःख को भोगेंगे | जिस नरेंद्र मैं अपनी पत्नी को अपनाने की धर्म शक्ति नहीं है ,वह क्या भारत की आधी आबादी का हित कर सकेगा | ‘नरेंद्र’ बनने चले नरेंद्र तुम्हारा इस कलियुग के लोकतंत्र मैं बिना हम नारियों के समर्थन के अश्वमेघ यज्ञ को पूर्ण करना संभव नहीं हो पायेगा | इसलिए अब भी समय है सार्वजानिक सभाओं मैं ,मीडिया मैं राम सीता की तरह दीख कर राम प्रेमी जनता को कृतार्थ करो | ‘जसोदा वेन’ के प्रति सहानुभूति आपके प्रति आक्रोश मैं न परिवर्तित हो जाये और आपके ,भातीय जनता पार्टी के स्वप्न मुंगेरी लाल के स्वप्न न बन जाएँ | जैसे राम ,कृष्ण ,नारायण बिना सीता राधा ,या लक्ष्मी के अशक्त अधूरे हैं सीता राम ,राधे श्याम ,लक्ष्मी नारायण ही पूर्ण बनाते हैं | नमो नमः तभी स्वीकार होता है ,जब दोनों साथ साथ होते हैं | जिसमें नारी शक्ति सूचक होने से प्रथम अधिकार रखती है | आप नरेंद्र सिर्फ नाम से हो नरों मैं इन्द्र तभी कहलाओगे जब शक्ति स्वरूपा जसोदा वेन को अपनाओगे ,और ‘जसोदा वेन नमो नमः’ के अधिकारी होकर सही अर्थों मैं नरेंद्र कहलाकर अपने अश्वमेघ यज्ञ को पूर्ण कर सकोगे | …भगवन राम के शक्ति स्वरूपा माता सीता के परित्याग की भूल को समय पर सुधारते ,अपने लिए ,अपनी पार्टी के लिए , देश के लिए , मानव जाति के लिए ,धर्म के लिए कलियुगी मर्यादा स्थापित करते आधी आबादी का समर्थन पाते चक्रवर्ती सम्राट (प्रधानमंत्री ) बनकर ‘जसोदा वेन नमो नमः’ कहलाकर राम राज्य को साकार करो | न भूलो की यह कलियुग है यहाँ नारी का सम्मान करना भी राजनीती होती है | यह सतयुग नहीं जहाँ नारी का परित्याग करके भी राम राज्य स्थापित हो जाता है | समय कम है जल्दी करो ,राम ने भी सीता को स्वीकार तो करा किन्तु अपनाने मैं देरी कर दी ,व्यथित माता सीता को पृथिवी मैं समाना पड़ा | आधी आबादी को जसोदा वेन के सम्पूर्ण जीवन मैं बहाये दुःख पूर्ण आँशु ही नजर आएंगे | परिणाम स्वरुप आप वनों मैं हे खग मृग करते जसोदा वेन को ढूँढ़ते नजर आएंगे | देश को आपकी असीम आवश्यकता है | देश गर्त मैं जा रहा है ,धर्म गर्त मैं जा रहा है | अतः मर्यादा ‘त्याग’ नहीं ‘अपनाना’ ही होगी | .आप जागो आप सतयुग मैं नहीं जी रहे आप कलियुग मैं हो ,सत्य का पारखी अड़ियल होता है ,प्राण जाये पर बचन न जाये के सिद्धांतों पर जीता है | आप रघुकुल के चिराग भी नहीं हो ,आप सिर्फ राम के भक्त ही हो | राम के भक्त होने के नाते’ त्यागी नारी’ को अपनाकर नारी जाति का उद्धार करने की मर्यादा कायम करो | भगवन राम की मन की ग्लानी को गर्व का अहसास कराओ | भक्त ने हनुमान की तरह उनकी महिमा को और भी उंचाईयों पर स्थापित किया | जहाँ केवल हिन्दू धर्म ही राम को आराध्य मान कर पूजता आया, वहीँ अब संसार की सारी स्त्रीया अपने परिवार सहित भगवन राम को आराध्य मानते जसोदावेन नमो नमः जप करती रहें | आप भी राम भक्त हनुमान की तरह राम भक्त नमो से राम भक्त ‘ जसोदावेन नमो नमः’ बन जाओगे………………………...ओम शांति शांति शांति



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19 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

drashok के द्वारा
February 3, 2015

श्री मान हरिश्चन्द्र जी अक्सर घरों में लडकियाँ सुसराल में से मायके बिठा दी जाती हैं उनमें मेरी भी मौसी की लडकी थीं उन्होंने अमेरिका जा कर MATHMATICSमें रिसर्च की और IITसे रिटायर हुई उनका बेटा भी IITमें नामी ऊचे पद पर था आज वह दुनिया में नहीं हैं जब मेरी बहन अमेरिका से लोटी उनका पति पशेमान हो कर उन्हें लेने आया वह नहीं गई फिर भी लिखता हूँ यह मोदी जी का घर नहीं है प्रधान मंत्री का घर है उस घर में एक भी एंट्री पूरे कुनबे की एंट्री होती हैं मोदी जी अपने घर को साफ़ सुथरा रखना चाहते हैं कभी सुना नहीं कोई उनका भाई भतीजा उनकी माँ उनके परिवार का व्यक्ति प्रधान मंत्री के घर में दिखा हो |उन्हें काम करनें दे बहुत काम करना है बेरोजगारी से बुरा हाल है कृपया उस पर हमें ध्यान रखना है |डॉ भारद्वाज

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    February 3, 2015

    डा भारद्वाज जी आभार  क्या पत्नी का साथ घर को साफ सुथरा रखने ,अपने लक्क्ष मैं व्यवधान करता है । ओबामा तो कहते हैं कि आज जो कुछ भी हैं पत्नी मिशेल के साथ से हैं । दुनियाॅ की सशक्त महिलाओं मैं तीसरे पर हैं । उन दोनों का साहचर्य दुनियाॅ के लिए मिशाल है । मर्यादा महान लोगों से होती  है । साधारण जन उनका अनुसरण करके गौरवान्वित होते हैं । ओम शांति शांति के लिए ही मर्यादाऐं होती हैं ।

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    February 3, 2015

    डा भारद्वाज जी आभार क्या पत्नी का साथ घर को साफ सुथरा रखने ,अपने लक्क्ष मैं व्यवधान करता है । ओबामा तो कहते हैं कि आज जो कुछ भी हैं पत्नी मिशेल के साथ से हैं । दुनियाॅ की सशक्त महिलाओं मैं तीसरे पर हैं । उन दोनों का साहचर्य दुनियाॅ के लिए मिशाल है । मर्यादा महान लोगों से होती है । साधारण जन उनका अनुसरण करके गौरवान्वित होते हैं । ओम शांति शांति के लिए ही मर्यादाऐं होती हैं ।

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    February 3, 2015

    योगी जी आभार कहाॅ तपस्या मैं मग्न रहे । चिंतन मैं भगवान राम का अहिल्या और भिलिनी उद्धार भी आया होगा। फिर भगवान राम यदि सीता माता के उद्रधारक बन कर मर्यादा बनायें ,तो कलियुग सतयुग बन जायेगा । ओम शांति शांति लगेगी ।

Shobha के द्वारा
February 3, 2015

श्री हरीश जी ऐसे की राज नेता हैं जिन्होंने दो शादिया की हैं ऐसे भी महानुभाव हैं जिनकी तीन शादियां थी साउथ में तो खुले आम स्त्री से संबंध होरे हैं उसे शायद चुन्नू बुड्डू कहते हैं नरेंद्र मोदी जी ने माना हैं उनकी पत्नी जशोदा बेन हैं परन्तु उनका किसी स्त्री से संबंध नहीं हैं होता तो मीडिया पोलिटिकल पार्टी हंगामा मचा देती नरेंद्र मोदी ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने प्रधान मंत्री निवास में माँ को भी नहीं रखा जिससे उन पर कहीं भी भ्र्ष्टाचार का आरोप न लग सके कोई भी उनके नाम पर कीचड़ उछले आज देश का बुरा हाल रहा हैं बहुत गंदगी साफ़ करनी हैं राजनीति मैंआज बहुत काम है डॉ शोभा

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    February 3, 2015

    शोभा जी आभार । भारत के साथ साथ हर भारतीय को गर्व होगा कि हमारे देश के प्रधान मंत्री जी चरित्रवान हैं। हर भारतीय को यह भी गर्व करने का अधिकार होना चाहिए कि देश सर्वोच्च पदस्थ व्यक्ति निष्कलंक अर्धांगिनी के साथ देश की सेवा कर रहे हैं। एक समय ..दो कलियाॅ ..नामक फिल्म आई थी । जिसमैं अलग रहते माता पिता का मिलन दो बच्चियों ने कराया था । पूरे देश के बच्चे समान जनता यदि अपने माॅ और पिता के मिलन की कामना करे तो अवश्य एक मर्यादा होगी । शायद देश शापित ना होकर ओम शांति शांति महसूस करेगा ।

yamunapathak के द्वारा
February 3, 2015

हरिश्चंद्र जी आपकी बात सही है पर व्यक्तिगत मुद्दे के कारण इस पर चर्चा ना कर सकी . साभार

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    February 3, 2015

    यमुना जी व्लोग समर्थन का आभार धर्म ,बनाया ही नैतिकता पैदा करने के लिए जाता है । दुख तो तब होता है जब नारियाॅ ही अन्ध भक्ति से मौन समर्थक हैं ओम शांति शांति

    yamunapathak के द्वारा
    February 5, 2015

    हरिश्चंद्र जी मौन की वज़ह यह भी है कि जब तक जसोदा बेन स्वयं अपने अधिकार की मांग ना करें कोई उनके व्यक्तिगत मामले में कुछ नहीं बोल सकता ..ऐसा कई बार हुआ है एक बार हम कुछ महिलाएं इसी तरह एक जोड़े के बीच सुलह कराने के उद्देश्य से बीच में पड़े थे और जो ड्रामा हुआ महिला ने स्पष्ट कहा ‘मैं अपनी इच्छा से अपने पति से अलग रह रही हूँ दूर रह कर भी वे मेरे लिए पूज्य हैं आप सब अभी मेरे घर से चले जाइए .” किसी एक दिन जसोदा बेन भी आप जैसे कई लोगों को जो यह प्रश्न कर रहे हैं ऐसा ही ज़वाब देंगी भारतीय नारियां पति के सम्मान को लेकर बहुत सजग और संवेदनशील होती हैं .क्या पता यह उन्ही की मर्ज़ी हो की वे मोदी जी की ज़िंदगी में लौटना नहीं चाहती हों. और अतीत में कई ऐसी बातें आपसी संबंधों में हो जाती हैं जिनकी परछाईं पति के वर्त्तमान और भविष्य को धूमिल करे ऐसा भारतीय नारियां कम ही चाहती हैं …इसलिए इस व्यक्तिगत मामले में पड़ना उचित नहीं समझती हूँ . आपका अतिशय धन्यवाद एक बार इस प्रतिक्रिया पर गौर अवश्य करें एक विवाहिता भारतीय नारी हूँ ….पति के व्यक्तिगत और सामाजिक छवि में संतुलन कैसे रखा जाता है समझ सकती हूँ.

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    February 5, 2015

    यमुना जी पुनर्चिंतन हेतु आभार …माननीय प्रधानमंत्री जी कोई सामान्य व्यक्ति नहीं रहे , ना ही उनकी धर्म पत्नी जसोदावेन । हम उन दोनों से एक मर्यादा की ही कामना कर सकते हैं ।एक सामाजिक सुधार के लिए हिन्दु धर्म की आस्था के लिए उन्हैं अपने अहं को त्याग देना चाहिए । हिन्दु ही नहीं समस्त भारतीय,यहाॅ तक विश्व एकटक आश लगाये बैठा है । अच्छे दिन आने वाले हैं । कितनी उम्मीद से जनता ने उन्हैं पूजा है । वे पुज्य ही बने रहें । यही लोक हित मैं होगा । घ्रणित राजनीति अपना सुरसा सा मुॅह खोलती जा रही है । जहाॅ वाचाल होना हानिकारक होता है वहीं मौन भी भ्रम का कारण होता है । जहाॅ तक मैं समझ रहा हूॅ मोदी जी ने अपनी पत्नी स्वीकार करके ,उनकी सुरक्षा करके संवाद का आगाज कर दिया है । पत्थर बनी अहिल्या का उद्धार तो राम ने कर दिया । किंतु अपनी पत्नी सीता का उद्धार राम नहीं कर सके । राम तो चूक गये ,सीता को प्रथ्वी मैं समाना पडा । सीता सा मौन भी लोक के लिए अहितकर होता है । मौन को त्याग कर अपने अपने धर्म का पालन ही हितकर होगा । संकोचवश ,या अपने अपने अहंवश ऐसा हो जाता है कुछ पारिवारिक वरिष्ठ जन यह संकोच या अहं को दूर कर सकते है । यहाॅ तो सौभाग्य से दोनों सुशिक्षित ,सुस्थापित संयमी सतचरित्र हैं ओम शांति शांति

sadguruji के द्वारा
February 1, 2015

आदरणीय हरिश्चंद्र जी ! यदि राष्ट्र की सेवा के लिए लोग परिवार छोड़ते हैं तो इसमें बुराई क्या है ? किसी भी महापुरुष के क्या सभी आचरण का लोग पालन करते हैं ? राम आवर कृष्ण भी राजा थे ? क्या उनके पदचिन्हो पर चलते हुए कोई अपनी पत्नी को छोड़ा है या किसी ने १६१०८ शादियां की हैं ? सच बात ये है कि मोदीजी के खिलाफ कहने के लिए कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए इस विषय को जबरदस्ती मुद्दा बना रहे हैं !

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    February 2, 2015

    आदरणीय सद्गुरु जी हिन्दु अपने धर्म को शास्त्र को प्रमाण मान कर चलते हैं । गीता को शास्त्रों का निचोड माना जाता है । और नरेन्द्रर मोदी जी तो गीता को महत्व देते ऱाष्ट्रीय धर्म ग्रंथ भी घोषित कर रहे हैं । …….गीता मैं भगवान श्रीक्रष्ण ने कहा है ……………..श्रेष्ठ पुरुष जैसा आचरण करते हैं वैसा वैसा ही अन्य साधारण जन करते हैं । वह जो प्रमाण कर देते हैं मनुष्य समुदाय भी उसी के अनुसार वरतने लग जाते हैं । …………..यदि मैं सावधान होकर कर्मों मैं ना बरतुॅ तो बडी हानि हो जाये , क्यों कि मनुष्य सब प्रकार से मेरे ही मार्ग का अनुसरण करते हैं ।…………..स्वयं सिद्ध है लोक हित के लिए सतकर्मों का ही पालन करना चाहिए । या उन्हैं सतकर्म सिद्ध कर देना चाहिए । बाकी आप तो सद्गुरु हो आपका बचन अकाट्य माना जायेगा ओम शांति शांति

sadguruji के द्वारा
January 31, 2015

आदरणीया हरिश्चंद्र जी ! बहुत से महापुरुषों और संतों ने राष्ट्र सेवा और आध्यात्मिक उत्थान के लिए परिवार का परित्याग किया था ! लोंगो को जसोदावेन की तो बड़ी चिंता है, परन्तु अपनी पत्नी को या नारी जाति को कितना सम्मान देते हैं, यह कटु सत्य सर्वविदित है ! दरअसल इसके सिवा विरोधियों के पास कोई मुद्दा है नहीं ! वंशवाद और परिवारवाद की विषबेल काटने वाले मोदीजी से बेहतर राष्ट्रसेवक इस समय कोई नहीं है ! निसंदेह वो इतिहास पुरुष होंगे !

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    February 1, 2015

    आदऱणीय सद्गुरु जी आभार ….समस्या तभी पैदा होती है , जब हमारे परम उत्क्रष्ट भद्र राष्ट्र सेवक ,ईतिहास पुरुष बन चुके मोदी जी की मर्यादा का अनुसऱण जनता अवश्य करेगी । क्योंकि ऐसा ही होता आया है ,हो रहा है । और साधारण जन भी अपनी संतानों और शिष्यों को भद्र जनों का अनुसरण करने की शिक्षा देती है । स्वच्छता अभियान का अनुसरण भी जनता इसी लिए कर रही है कि हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गाॅधी के नाम से मोदी जी द्वारा संचालित है । जिसको मोदी जी ने स्वयं अपने हाथ मैं झाडू लेकर अग्रसित किया ।ओम शांति शांति

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    February 1, 2015

    आदऱणीय सद्गुरु जी आभार ….समस्या तभी पैदा होती है , जब हमारे परम उत्क्रष्ट भद्र राष्ट्र सेवक ,ईतिहास पुरुष बन चुके मोदी जी की मर्यादा का अनुसऱण जनता अवश्य करेगी । क्योंकि ऐसा ही होता आया है ,हो रहा है । और साधारण जन भी अपनी संतानों और शिष्यों को भद्र जनों का अनुसरण करने की शिक्षा देती है । स्वच्छता अभियान का अनुसरण भी जनता इसी लिए कर रही है कि हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गाॅधी के नाम से मोदी जी द्वारा संचालित है । जिसको मोदी जी ने स्वयं अपने हाथ मैं झाडू लेकर अग्रसित किया ।ओम शांति शांति

एल.एस. बिष्ट् के द्वारा
January 27, 2015

हरीशचन्द्रा जी, अभिवादन । वैसे आपने यह बात तो सही कही है कि मोदी जी को जसोदाबेन को एक पत्नी का सम्मान देकर आगे लाना चाहिए तब उनकी बातों का कुछ ज्यादा प्रभाव पडेगा । लेकिन वे ऐसा नही कर रहे, पता नही क्यों , क्या कारण है । अतीत मे ऐसा क्या है कि मोदी जी यहां बैकफुट मे दिखाई देते हैं । बहरहाल यह थोडा चुभने जैसा लगता है ।

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    January 28, 2015

    विष्ट जी आभार चुभन कहाॅ नहीं होती शायद ही कोई विरला परिवार हो जहाॅ चुभन ना हो । एक महान उच्च पदस्थ व्यक्ति की चुभन अमर्यादित लगती है । मर्यादा स्थापना हेतु बहुत कुछ सहना पडता है । ओम शांति शांति तभी होती है ।

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    January 28, 2015

    विष्ट जी आभार चुभन कहाॅ नहीं होती शायद ही कोई विरला परिवार हो जहाॅ चुभन ना हो । एक महान उच्च पदस्थ व्यक्ति की चुभन अमर्यादित लगती है । मर्यादा स्थापना हेतु बहुत कुछ सहना पडता है । ओम शांति शांति तभी होती है । न भूलो की यह कलियुग है यहाँ नारी का सम्मान करना भी राजनीती होती है | यह सतयुग नहीं जहाँ नारी का परित्याग करके भी राम राज्य स्थापित हो जाता है |


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