PAPI HARISHCHANDRA

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दस फरवरी को वेदी की किरण, सूर्य बन चमकेगी

Posted On: 16 Jan, 2015 हास्य व्यंग,Politics,Others में

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जय हो ..गणतंत्र दिवश ……………ठीक एक साल पाहिले ब्लॉग मैं मेरी व्यंगात्मक भविष्यवाणी अब सार्थक होने को वेदी की किरण उग चुकी है | दस फरवरी को सूर्य बन ही जाएगी | .भविष्य वाणी निम्नवत थी ………..
अन्ना हजारे जी के अनसन में ,दिलजान से तिरंगा फहराने वाली ,शायद भ्रष्टाचार पर जीत पर सबसे ज्यादा खुशी महसूस करती रही | अरविंद केजरीवाल के ‘आप’ के उदय में भी शायद भ्रष्टाचार के जड से खात्मे का स्वप्न देखती खुश होती रही | ‘आप’ की जीत पर भी खुशी की उछलकूद अनोखी थी | जीत पर सारा श्रेय ,अनुभवों का आशीर्वाद अरविंद केजरीवाल ,कुमार विश्वास ,जैसे शिष्य ले बैठे तो शायद् अपमान महसूस होना लाजिमी था |
………………………………………………………………………………..…अन्ना हजारे से रोया, तो दाल ही काली नजर आने लगी | अब आत्म बोध होते होते नरेंद्र मोदी जी महान नजर आने लगे | बीजेपी देश की उद्धारक नजर आने लगी | ‘ आप ‘ को सपोर्ट, वोट देना ,कांग्रेस का सहायक नजर आने लगा | भारत की प्रथम महिला आईपीएस वर्तमान में आत्म बोध होकर बहूत बैचैन हो चुकी हैं | शायद जले पर कोई तो मरहम लगाये | कोई भी तो सहानुभूतिक कुछ भी नहीं बोल रहा |…………………………………………………………………………………………………… गुरु ग्रह के वक्री होने से आप अपेक्षित लाभ ना पा सकी | जुलाई तक बैचैनी पर काबू रखें | आपकी उपयोगिता राजनीतिज्ञों को स्वतः ही महसूस होने लगेगी | ………………………………………………………………………………..आप किसी भी पार्टी की किरण नहीं ,आप महान देश की महान किरण बनेंगी | आपकी किरण से पुँज बनकर , सम्पूर्ण भारत सूर्य सा जगमगाएगा | आप शांत हो , गायत्री मंत्र का जप करती रहें | शनि और राहु स्वतः ही एक दूसरे से विघटित होकर अशक्त हो जाने वाले हैं | आपकी महानता स्वतः ही उभरती चली जायेगी | वर्त्तमान मैं लोक हित के लिए कहा गया अनुभवी सम्भासन किसी को श्रवण नहीं हो पायगा .|.आपके अनुभव और दूर दृष्टी वाली सलाह ही पार्टी को बचाये रख सकती है ,वर्ना धूमकेतुओं की तरह खो जायेगी | ………………………………………………………………….. ‘.आप ‘बहुत आगे जाएंगी | धैर्य रखें …………………………………………………………….. ओम शान्ती शान्ती शान्ती
….. मेरी सलाह पर गायत्री मन्त्र जपते जपते ठीक एक वर्ष बीत गया है | गायत्री मन्त्र की सिद्धी का असर अब दिखने लगा है | विश्व के दूसरे चमकते सूर्य मोदी की किरण बन ही गयी हैं | अब धर्म और सत्य के सार्थक अर्थ को समझ चुकी हैं | गांधी जी के सत्य के मार्ग पर चलकर अन्ना हजारे ही रह पाती या केजरीवाल की तरह हरिश्चन्द्री अलाप करती रहती | गीता के सात्विक ,राजस और तामस मैं सबसे उत्तम मार्ग के धर्म को ही अपना लिया है | सात्विक धर्म से तो शमशान के हरिश्चंद्र की चौकीदारी ही मिलती है | तामसिक धर्म तो घृणित ही होता है | राजस धर्म ही सबसे उत्तम माना जाता है | वह भी एक ऐसे योगी नरेंद्र की किरण बनने का मौका मिला है जो स्वयं सिद्ध योगी है | …………………………………………………………………………………………ज्योतिसीय रूप मैं भी राहु और शनि विघटित हो चुके हैं | गुरु गृह भी उच्च का हो गया है | अब कोई नहीं रोक सकता है मुख्य मंत्री पद पर आरूढ़ होने से ..| मुख्य मंत्री तो अभी सुरुआत ही होगी अभी तो लक्ष्य प्रधान मंत्री तक होगा | एक सशक्त महिला प्रधान मंत्री पद भी दूर नहीं होगा | …………………………….हरिश्चंद्र तुम अन्ना जी के साथ अनसन ही करते रहोगे या शम शान मैं चौकीदारी …| राम का साथ पाकर विभीसन भी कृतार्थ होते सत्ता पाता है | यहाँ तो राम से धीर वीर दहाड़ते ,और कृष्ण से गीता ज्ञान देने वाले योगी मोदी का साहचर्य प्राप्त हो चूका है | राजनीती मैं भक्ति मैं ही शक्ति होती है | अर्जुन से योगी भक्त बनो या विभीषण सी भक्ति करो ,सब कुछ मिलता चला जाता है | सन्मार्ग ,सद्बुद्धि तो सत्संग से मिल ही जाती है | गायत्री मन्त्र की भी सिद्धी मिल ही चुकी है | अब सूर्य की किरणों से नजर मिलाने की गलती कोई नहीं कर सकेगा | उगने तो दो …| ………………..राजनीती मैं शाम ,दाम दंड ,भेद सब चलते हैं | यह ज्ञान अब हो चूका है | लेकिन किरण को सात्विक और तामसिक सम्भाषणों के बादलों से बचना होगा | केजरीवाल से सात्विक सम्भाषणों रूपी धुंध से परहेज रखना होगा | वहीँ वी .पी सिंह से सम्भाषण भी घनघोर बादल बन जायेंगे | गायत्री मन्त्र का लगातार जप करके अपने पर संयम रखना ही होगा | राजनीती मैं अड़ियल रूख की छवि घातक होती है | ऐसी धुंध और काले बादल कभी भी घिर सकते हैं | अतः मौसम की भविष्य वाणियों पर ध्यान देना उचित रहेगा | …………………………………………………………………………आप ……..योगी मोदी जी के गीता ज्ञान का अनुसरण करते अर्जुन की तरह युद्ध अवश्य जीत सकती हैं | स्वधर्म राजनीती मैं कुछ नहीं होता | चुनाव युद्ध जीतना ही धर्म होता है | …………………………….यहाँ .….यदा यदा ही धर्मष्य ग्लानिर्भवति भारतः | अभ्युत्थानम् धर्मस्य तदात्मानं सृजाम्हम् || (जब जब धर्म की हानि होती है और अधर्म की बृद्धि होती है ,तब तब मैं लोगों मैं प्रकट होता हूँ )…..को भूल जाना होता है | अपने आप को भगवन समझना भी घातक ही होता है | अपने आप को सेवक ही नहीं प्रधान सेवक सिद्ध करना होता है ,उसके लिए झाड़ू भी लगनी पड़े तो लगाई जाती है | झाड़ू कैसी होती है अरविंद्र केजरीवाल की झाड़ू कैसी है सब जानती हैं किरण जी | गांधी जी की स्वच्छता अभियान की झाड़ू का ज्ञान भी मिल ही जायेगा | झाड़ू युद्ध ही होगा अगला चुनाव | इसमें महारत किरण का ही होगा | यानि की सब कुछ किरण बेदी के ही पक्ष मैं | भाग्य भी साथ ,अपनों का भी साथ …………………………………………………..जय हो जय हो ………………………………...ओम शांति शांति शांति



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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

braj kishore singh के द्वारा
February 26, 2015

काश ऐसा हो पाता

Shobha के द्वारा
January 25, 2015

श्री हरीश जी बहुत एंटरटेनिंग लेख ख़ास कर अगला चुनाव झाड़ू युद्ध होगा शोभा

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    January 26, 2015

     शोभा जी आभार बिना किरण के ना कमल खिलता है ना अरविन्द्र ओम शांति शांति

sadguruji के द्वारा
January 21, 2015

आदरणीय हरिश्चंद्र जी ! इधर कुछ दिनों तक आश्रम के कार्यों में व्यस्त रहा ! इसलिए मंच पर उपस्थिति नहीं रही ! आपका ये व्यंग्य लेख अच्छा लगा ! आपने बहुत सटीक व्यंग्य किया है- राजनीती मैं भक्ति मैं ही शक्ति होती है ! अर्जुन से योगी भक्त बनो या विभीषण सी भक्ति करो ,सब कुछ मिलता चला जाता है ! अच्छी व्यंग्यमय प्रस्तुति के लिए हार्दिक आभार !

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    January 22, 2015

    सद्गुरु जी आभार सद्गुरु का आशीर्वाद पाकर दिल्ली अब मेरी ही होगी । ओम शांति शांति 

DR. SHIKHA KAUSHIK के द्वारा
January 18, 2015

आपने व्यक्तिगत भावनाओं का सुन्दर चित्रण किया है पर यहाँ तो सूरज ही मैला है !!! किरण कैसे चमकेगी ?

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    January 19, 2015

    शिखा जी शिखर पर पहूॅच चूका हूॅ तो सुर्य तो चमकदार दीख  ही जायेगा ओम शांति शांति 

    sadguruji के द्वारा
    January 21, 2015

    आदरणीया डॉ शिखा कौशिक जी ! सादर अभिनन्दन ! मेरे विचार से तो सूरज कभी मैला नहीं होता है ! मैला या तो आँखें हो जातीं हैं या फिर मन !

yamunapathak के द्वारा
January 18, 2015

हरिश्चंद जी बेहद रोचक ब्लॉग है. साभार

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    January 18, 2015

    यमुना जी आभार आपका प्रोत्साहन और उत्साह बर्धन करेगा ओम शांति शांति 


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