PAPI HARISHCHANDRA

SACH JO PAP HO JAYEY

229 Posts

944 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 15051 postid : 821299

भारत के रत्न आडवाणी जी का ''भारत रत्न'' अटल विहारी बाजपेयी जी और महामना मदन मोहन मालवीय जी को प्रणाम

Posted On: 24 Dec, 2014 हास्य व्यंग,Politics,Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

अटल बिहारी बाजपेयी जी जहाँ ”भारत रत्न” के योग्य माने गए हैं उनकी योग्यता यदि उन्हें इस योग्य मानती है तो उससे कहीं अधिक योग्य सशक्त कर्मठ और कुछ कर दिखने वाले ,जनसंघ और आरएसएस मैं सामनजष्य वैठाने वाले लाल कृष्ण आडवाणी जी ही थे | जनसंघ के रूप मैं जब अटल विहारी बाजपेयी जी जब भाषण के आलावा वोट बैंक नहीं बन सके तो भारतीय जनता पार्टी को नया रूप देना आडवाणी जी का ही काम था | अटल विहारी बाजपेयी जी भारतीय जनता पार्टी के रूप मैं भी वर्षों भाषण ही देते रहे और कुछ भी नहीं उपजा सके तो रथ यात्रायें करके जनता मैं पार्टी को सशक्त स्तम्भ दिया आडवाणी जी ने ….. | कांग्रेस से टूटे विखरे जन समुदाय को एक विकल्प पर सोचने का विचार दिया | राम जन्म भूमि ,बाबरी मस्जिद और फिर उत्तर प्रदेश फतह किस किस पर आडवाणी की कूटनीति सफल नहीं हुयी | जब केंद्र मैं अटल विहारी बाजपेयी जी की सरकार बनी तो भी आडवाणी जी की ही कूटनीतियां रही | बहुत मन मसोष कर उन्हें उप प्रधानमंत्री का पद सहेजना पड़ा | ………अटल विहारी बाजपेयी जी अगर इतने कुशल प्रधानमंत्री रहे उनका नेतृत्व इतना अच्छा रहा ,तो क्यों नहीं दो लोक सभा चुनावों मैं भी सोनिया गांधी या राहुल गांधी से नौसिखिये को परास्त कर सके थे | ………………………………………………………..वर्तमान मैं भी यदि जीत हुयी तो वह भी आडवाणी जी की कूटनीतियां ही रही | जब नितिन गडकरी जी को अपना भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा था ,और नए अध्यक्ष की खोज हो रही थी तो लाल कृष्ण आडवाणी जी ने ही अपनी कूटनीतिक बुद्धि से राज नाथ जी को भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस के बीच समनजष्य बैठाते पदारूढ़ किया था | बस यही गलती आडवाणी जी से हुयी | फिर तब से अब तक आडवाणी जी भीष्म पितामह की तरह अपनी सहनशक्ति की परीक्षा देते आ रहे हैं | पार्टी के हित के लिए एक सहनशक्ति की पराकाष्टा आडवाणी जी ने निभायी | और भारतीय जनता पार्टी को एक दुनियां की सशक्त पार्टी के रूप मैं स्थापित कर दिया | आज जिस जीत का श्रेय कहीं आरएसएस को ,नरेंद्र मोदी को ,या अमित शाह को दिया जा रहा है वे सब लाल कृष्ण आडवाणी जी की ही उपज हैं | असली चाणक्य कभी अपनी तारीफ खुद कभी नहीं करता है | देश के लिए पार्टी के लिए एक सशक्त सरकार आडवाणी जी की ही देन है | कुशल राज नाथ सा पार्टी अध्यक्ष ,नरेंद्र मोदी सा वक्ता ,अमित शाह सा कूटनीतिज्ञ को आडवाणी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ तभी वे अपने को स्थापित कर सके | आरएसएस के लिए भारतीय जनता पार्टी के लिए मार्ग बनाते अग्रसित करने वाले आडवाणी जी ही रहे | …………………………………………………………..आज अगर सच्चे अर्थों मैं अगर कोई भारत के रत्न है तो वह लाल कृष्ण अड़वानी जी ही हैं | जिनके कारन आज भारत वर्ष दुनियां मैं गौरवान्वित हो रहा है | ……………………………………………भीष्म पितामह की तरह ,भारतीय जनता पार्टी को सत्तारूढ़ करवाने की प्रतिज्ञा को आडवाणी जी ने ही समय समय पर चरितार्थ किया | ….……… चाणक्य नीति कूटनीति की काट कूटनीति से ही होती है | क्या आडवाणी जी राष्ट्रपति पद की लालसा मैं खांसते रहेंगे ….? या भारत रत्न का ख्वाब देखते अपाहिज से बने रहेंगे ….? …..आज लग रहा है की भीष्म पितामह अपने ही लोगों मैं कितना तड़पे होंगे | पितामह होना भी कितना शिव सा विष्पाणी होता है | ..किन्तु भारत के रत्न लाल कृष्ण आडवाणी जी ने ”भारत रत्न ”अटल विहारी बाजपेयी जी और महामना मदन मोहन मालवीय जी को प्रणाम ही कहा | धन्य हैं आप पितामह …….पितामह की खुशियां अपनी फलती फूलती फुलवारियों की सुगंध मैं ही निहित होती हैं ‘भारत रत्न ‘ अनेक हैं किन्तु भारत के रत्न तो आडवाणी जी ही हैं,जिनकी पदवी ‘पितामह’ भी एक ही है जैसे ‘महामना’ पदवी भी केवल मदन मोहन मालवीय जी की ही है | ….…………………………………………………………….ओम शांति शांति शांति



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 3.67 out of 5)
Loading ... Loading ...

4 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
December 31, 2014

आदरणीय हरिश्चंद्र जी ! आपको और आपके समस्त परिवार को नववर्ष की बधाई ! आपकी व्यंग्य लेखनी यूँ ही अनवरत चलती रहे ! सभी ब्लॉगर मित्रों को नववर्ष की बधाई !

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    December 31, 2014

    सद्गुरु जी अभिवादन नव वर्ष गुरुमय हो आपकी ओजस्वी लेखनी ओम शांति शांति कारक बनी रहे । सभी ब्लॉगर मित्रों को नववर्ष की शुभकामनाएॅ

sadguruji के द्वारा
December 26, 2014

आदरणीय हरिश्चंद्र जी ! दिन मंगलमय हो ! इधर बीच मंच पर मेरी कम उपस्थिति रही ! सोचा नारद जी की तरह नारायण नारायण करते हुए थोड़ा इंटरनेट की दुनिया के अन्य लोकों का भी विचरण कर लिया जाये ! उन लोकों में इस मंच के बहुत से महारथियों के साथ साथ आपके भी वैचारिक दर्शन हुए ! बहुत अच्छा लगा ! कुछ नवीनता भी जीवन में जरुरी है ! प्रस्तुत लेख में आपने आदरणीय आडवाणी जी के हाले-ए-दिल का बयान बखूबी किया है ! मुझे लगता है कि सबकुछ ठीक चल रहा था, बस उनका पाकिस्तांन जा के जिन्ना की बड़ाई करना उनके लिए घातक सिद्ध हुआ ! भाजपा में उनका योगदान सराहनीय तो है ही ! इस बात को मैं भी स्वीकार करता हूँ ! उत्तम प्रस्तुति के लिए आभार !

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    December 26, 2014

    सद्गुरु जी अाभार तीनों मैं विचरण  करते मनुष्य ,देवता और परमात्मा सभी मै तालमेल बैठाना तो मुख्य धर्म है नारद जी का जहाॅ त्राहिमान हो वहीं प्रकट होना ओम शांति शांति कारक होता है 


topic of the week



latest from jagran