PAPI HARISHCHANDRA

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मेरा लाडला (गोद लिया ) गाँव ...

Posted On: 4 Dec, 2014 हास्य व्यंग,Politics,Others में

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एक संसदीय क्षेत्र मैं लगभग हजार गांव उनमें एक लाडला गांव चुने | क्या बाकि सब गांव वालों ने सांसद को वोट नहीं दिया | क्या अन्य गांव सौतेले हैं | विकास सर्वतोन्मुख होना चाहिए न की लाडले गांव का ही | आखिर पश्चिम बंगाल के सांसदों ने इस सत्य को पहिचान लिया | वे कैसे गाँवो के प्रति दुराव रख सकते | उनके लिए तो सब गांव एक ही दृष्टी से दीख रहे हैं | ४२ लोक सभा और16 राज्य सभा के सांसदों मैं केवल दो ने ही लाडले गांव बनाये हैं | असमंजस की स्तिथी हो गयी है सांसदों मैं | किस को प्राथमिकता दें किसको नहीं दें ,अगले चुनाव मैं फिर वोट भी तो मांगना होगा | किस मुँह से मांगेगे | दअसल राज्य की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी ने इस योजना को नजर अंदाज करने को कहा है | राज्य के कांग्रेस के और सी पी एम के पांच पांच सांसदों ने भी साथ देते अभी तक कोई गांव गोद नहीं लिया | राहुल गांधी के अनुसार एक सांसद पांच साल मैं एक गांव ही विकसित कर पायेगा तो अन्य संसदीय गांवों को विकसित होने मैं कितना समय चाहिए | …………………………लोक तंत्र है भारत मैं जहाँ एक ही गुरु मन्त्र चल सकता है

…………………………………………....सर्वे भवन्तु सुखिनः ,सर्वे सन्तु निरामया | सर्वे भद्राणि पश्यन्तु माँ कश्चित् दुःख भाग भवेत्

…फिर कैसे कोई व्यक्ति संता गांव ,शहर ,राज्य लाडले हो सकते हैं | प्रधान मंत्री जी के तो सभी समान होने चाहिए | लोकतान्त्रिक तरीके से कोई भी सांसद चुना जाता है जिसको समस्त संसदीय क्षेत्र की जनता ,गांव , कशवे , या शहरी चुनते हैं | फिर क्यों एक ही चहेता बन जायेगा | …………………………………………….राज तंत्र मैं जब कोई राजा किसी व्यक्ति पर खुश हो जाता था तो उसे उपहार मैं अपने गले की कीमती माला ,या इनाम दे देता था | गांव ,शहर ,राज्य भी दान दहेज़ मैं दे दिए जाते थे | उपहार मैं मिले गांव ,शहर ,राज्य का भाग्य कि उसे कैसा मालिक मिलेगा | …………………………………………………………………………………लोक तंत्र मैं भाग्यशाली एक नहीं होना चाहिए सभी का विकास साथ साथ होना चाहिए | एक महल बना ले | राजसी बनता जाये दूसरा पिछड़ा रह जाये | सब कुछ एक ही गांव या शहर मैं झोंक देना अन्य लोगों मैं आक्रोश का कारन बन सकता है | सर्वतोन्मुख विकास से ही लोक तत्र की सफलता सार्थक हो सकती है | सड़क ,विजली ,पानी ,चिकित्सा , रोजगार ,शिक्षा किस गांव ,शहर को नहीं चाहिए | योजना ऐसी बने जो सबके काम की हो | ……………………………एक राजशाही अंदाज कि फलाने फलाने सांसद का आदर्श गोद लिया गांव है यह | लोक तंत्र मैं एक ही लाडला कैसे हो सकता है | हजार गांव मैं एक लाडला होकर चैन से जीएगा ,अन्य ९९९ गांव क्या करेंगे ….? कब उनका नंबर आएगा सोच सोच कर बूढ़े हो जायेंगे |सांसद का धर्म तो अपने सम्पूर्ण संसदीय क्षत्र को ही विकसित करना होना चाहिए  न की लाडले गांव का | गांव को आदर्श बनाने का काम तो ग्राम प्रधान का ही होना चाहिए ,जो प्रधान का धर्म होना चाहिए फिर प्रतियोगिता से उनमें एक आदर्श ग्राम की घोषणा कर पुरष्कृत किया जाना चाहिए | भगवन तो सभी जीवों का यथावत समान ध्यान रखते हैं | किसी धर्म की कभी यह धारणा नहीं होती | यह जरूर है कि अपने प्रिय भक्तों की पुकार जल्द सुन लेते हैं भगवन | तो फिर क्या सब भारतियों ने भक्ति तन मन धन से मन लगा कर करनी चाहिए …? अधर्मी लोग भगवन के प्रभाव ,शक्ति को नहीं पहिचान पाते हैं | तभी तो दुखी रहते हैं |……………………………………………...ओम शांति शांति शांति



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8 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
December 10, 2014

बहुत अच्छा आलेख ,एक लाडला गाँव बनाने के बदले अपने अपने संसदीय क्षेत्र के हर गाँव की मौलिक समस्याएं (जैसे पानी ,बिजली ,निशुल्क शिक्षा ,चिकित्सा ,सस्ती दरों पर किसानो को कर्ज और उत्तम बीज देने की योजना )सुलझाते और जैसा कि आपने कहा है ग्राम सेवक को ये जुम्मेदारी देते फिर उत्कृष्ट सेवा पर पुरुस्कृत भी करते तो कम से कम बाकी ९९९ गाँव हताश हो कर लाडले गाँव को ऐसे नहीं देखते जैसे अनाथालय से कोई सन्तान हीन अमीर दम्पति एक बच्चे को गोद ले लेता है ,बाकी बच्चे देखते रह जाते हैं .आपकी लेखनी की धार को नमन .आदरणीय हरिश्चंद्र जी .

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    December 11, 2014

    निर्मला जी आभार गीता ज्ञान सा प्रोत्साहन मन  को निर्मल करते शांति प्रदान कर रहा है ओम शांति शांति 

Shobha के द्वारा
December 5, 2014

श्री हरिश्चंद्र जी अच्छा लेख सही विचार बस एक बात खटकी ज्यादातर देश से बाहर रहने वाले राहुल जी इतने होशियार कब से हो गए वह कमेंट भी करने लगे शोभा

    jlsingh के द्वारा
    December 5, 2014

    मरता क्या न करता …आदरणीया शोभा जी, सादर अभिवादन के साथ कहना चाहूँगा कि राहुल जी भी सीख रहे हैं, नेहरूजी, गांधीजी, आदि सबों ने विदेश जाकर ही भरता को समझा था… आपतो बहुत कुछ जानती समझती हैं… फिर हम लोग कौन सा तीसमार खां हैं हम लोग भी मीडिया से सुन समझ कर टीका टिप्पणी कर देते हैं… आपको बताने की जरूरत तो नहीं ही होनी चाहिए कि संगत से गुण होत हैं संगत से गुण जात ! अब फिर से जनता दल बन रहा है…यह आवश्यकता ही तो है जो इन सबों को एक साथ होने पर मजबूर कर रही है..हम सब देखते चलें आगे आगे क्या होता है…सादर!

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    December 5, 2014

    शोभा जी आभार सब पुर्व जन्मों के पु्ण्य फल  होते हैं गणेश जी केवल अपने माता पिता शिव पार्वती की परिक्रमा करके ही श्री गणेश हो गये  ओम शांति शांति 

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    December 5, 2014

    जवाहर जी आभार क्या कालिदास बुद्धीमान थे जब उन्होंने शास्त्रार्थ जीता था महान कवि तो बाद मैं बने अभी तो राहुल ने अज्ञानी ही दर्शाना है जैसा कहा जाये कर देना है ओम शांति शांति तो हो ही जायेगी 

sadguruji के द्वारा
December 4, 2014

आदरणीय हरिश्चंद्र जी ! सादर अभिनन्दन और इस अच्छे व्यंग्य लेख के लिए बधाई ! राहुल गांधी जी के अनुसार एक सांसद पांच साल मैं एक गांव ही विकसित कर पायेगा ! मोदी जी को शायद इसमें भी संदेह है, इसलिए सांसदों को व्याबहारिक रूप से आजमा कर देख रहे हैं ! नेट के व्यवधान के कारण आपसे सम्पर्क देर से हो रहा है ! अच्छी प्रस्तुति के लिए सादर आभार !

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    December 5, 2014

    सद्गुरु जी आभार लगता है मोदी जी को मच्रछरों ने भिनभिनाकर परेशान करना आरंभ कर दिया है नक्सली हमला ,जम्बु काशमीर मै आतंकवादी हमला ।अंदरूनी परेशानीयां भी सिर उठा रही हैं हम ओम शांति शांति ही जप सकते हैं 


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