PAPI HARISHCHANDRA

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मोदी जी ,राम राज्य मुद्रा (''राम रुपया'') होनी ही चाहिए (2)

Posted On: 30 Nov, 2014 हास्य व्यंग,Politics,Others में

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Currency Gandhi Hindi 111111गतान्क से आगे ………………………>कृपया बड़ा रूप देखने के लिए क्लिक करे …………………………………………………….

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कृपया बड़ा रूप देखने के लिए क्लिक करे …………….5 rupees back

……………………………………मोहन दस करम चाँद गांधी यानि राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की म्हणता त्याग बलिदान भारतियों की नस नस मैं खून के कतरे कतरे मैं बस चूका है | गांधी जी नोटों मैं रहें,न रहें भारतीय जनता के दिल दिमाग से नहीं हट सकते हैं | क्यों नहीं कानून के मुताबित उनके चित्र को वैध किया जाता | रिज़र्व बैंक के द्वारा भेजे विचाराधीन मुद्दे उच्च स्तरीय समिति के पास है ,जिनमें पांच मुख्य विचाराधीन मुद्दे हैं ……..१..ऐसी डिजाईन जो भारत की संस्कृति और इतिहास को पेश करती हो या आधुनिक और भविष्य को दर्शाने वाली हो २… नकली नोट बनाना लगभग असंभव और बहुत मंहगा हो जाये ३.. डिजाईन लोगों को आकर्षक और सुन्दर लगे ४.. कम दृष्टी वाले या नेत्र हीनों को भी पहिचानने मैं कोई असुविधा न हो ५.. मशीनी प्रक्रिया से इस्तेमाल किये जाने लायक डिजाईन | विचाराधीन मैं अशोक स्तम्भ ,का पुनरागमन और संविधान रचयिता बाला साहेब अम्बेडकर हैं | ऐसी द्विधात्मक परिस्थिती मैं हिंदुस्तान के राम राज्य की (,जो हिंदुस्तान के नस मैं बसी है ) ऐतिहासिक संस्कृति नोट मैं स्थापित की जाये | भारत की पहिचान हिन्दू ,हिंदी हिंदुस्तान है | सबसे पुरातन संस्कृति क्यों नहीं झलकनी चाहिए नोटों मैं | महर्षि महेस योगी जी जब ‘राम’ मुद्रा को नीदरलैंड (हॉलैंड ) मैं यूरो के समकक्ष स्थापित करते हुए राम की महिमा गौरवान्वित कर सकते हैं तो क्यों नहीं हिन्दू विचारधारा की पार्टी भारतीय जनता पार्टी (जो राम के नाम से ही उंचाईयां पा चुकी है )राम राज्य मुद्रा स्थापित कर सकती है | जन समर्थन भी प्रबल है ,प्रबल सरकार है | मोदी सा पराक्रमी सम्राट है | मोदी युग की पहिचान राम राज्य की तरह हो | ऐसा मौका फिर कहाँ कब मिलेगा | सम्राट की पहिचान ही उस युग के मुद्रा से होती है | सुविधाजनक मुद्रा का चलन करके जन समुदाय की वाह वाही विश्व मैं गुंजायमान होती रहेगी |

ओम शांति शांति



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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
December 3, 2014

श्री हरिश्चंद्र जी आपके लेख में व्यंग भी है और गंभीरता भी है बढ़िया लेख डॉ शोभा

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    December 4, 2014

    डा .शोभा जी तन मन से राम मय हो चुका हिन्दुस्तान  अब धन से भी राम से शोभित होना ही चाहिए  ओम शांति शांति

sanjay kumar garg के द्वारा
December 2, 2014

आदरणीय हरिश्चंद्र जी, सादर नमन! मैं आप की बात से सहमत हूँ, नोट पर आराध्य, मर्यादा पुरोषत्तम, भगवान का चित्र अंकित करना सर्वश्रेस्ट होगा! ओम शांति शांति आदरणीय हरिश्चंद्र जी!

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    December 2, 2014

    संजय जी आभार आपकी दिव्य द्रष्टी ने सब देख ही लिया ओम शांति शांति 


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