PAPI HARISHCHANDRA

SACH JO PAP HO JAYEY

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मोदी जी ..क्या ''राम रुपया '' होगी हिंदुस्तानी मुद्रा ....?

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...कलकत्ता बना कोलकता ,बॉम्बे बना मुंबई ,बंगलौर बना बेंगलुरु ,जाने कितनी सड़कों आदि आदि का नाम हिन्दीकरण हो चूका है ,जो भारतीय जनता पार्टी ने नहीं कांग्रेस ने ही किया है | दिल्ली के कनॉट प्लेस को राजीव गांधी चौक से नवाजा गया |..अंगरेजी नामों को भारतीय नामों मैं स्थापित करके कांग्रेस ने भारतीयों पर उपलब्धी सिद्ध कर दी है | ………………………………………………………..अब भारतीय जानता पार्टी और उसके नेत्तृव मोदी जी की बारी है | ………………………...एक युग था जब रूपये आने पाई के रूप मैं भारतीय मुद्रा थी जो अंगरेजी शासन काल था | फिर रुपया नया पैसा के रूप मैं मुद्रा बनी ,एक रूपये मैं100 नए पैसे | एक रूपये के छुट्टा की भी बहुत अहमियत थी | पांच पैसे की चाय मिलती थी | जो सब्जी लेने बाजार जाते थे तो एक रुपया बहुत होता था | पैसे आने के भाव ही चला करते थे | सब कुछ एक रूपये के छुट्टे मैं खर्च चल जाता था |.दिल्ली जाने के लिए 100 रूपये पर्याप्त होते थे 20 रूपये किराया खाना पीना घूमना सभी हो जाता था | एक एक पैसे की अहमियत थी | आजकल हजार का छुट्टा भी आसानी से हो जाता है | उन दिनों एक रूपये का छुट्टा भी ब्लैक से लेना पड़ता था | किसी भी सामान की कीमत मैं पैसे जरूर जुड़े होते थे | सवा रूपये तो पंडित जी की दक्षिणा ,या भगवन का चढ़ावा होता था | भारत के आपातकाल के समय 10 पैसे की चाय 25 पैसे की हो गयी थी | चीनी पांच रूपये किलो हो चुकी थी जो कि जनता दल सरकार ने आते ही सवा रूपये किलो कर दी थी | चाय 25 पैसे पर ही स्थिर हो गयी | ऐसी महिमा थी पैसों की | हजार रूपये तनखा वाला ऑफिसर ही होता था …………………………………………………………...वर्तमान भारतीय मुद्रा रूपये है जिसमें 100 पैसे होते हैं यह बच्चों को पढ़ाया जाता है,किन्तु पैसे कहाँ हैं कोई नहीं जानता ,जानता भी है तो उसकी कोई मूल्यांकन नहीं हैं | जिसका कोई मूल्य या दर्शन नहीं उसको भगवन की तरह क्यों पूजा जाता है | आजकल तनखायें भी लाखों रुपयों मैं होती है| जब रूपये की मूल्यांकन पैसे सी हो चुकी है तो उसे क्यों नहीं हटा दिया जाता | रूपये को पैसे सा मूल्य देकर नयी मुद्रा ‘राम’ ( जो की100 रूपये की हो ) निश्चित की जाती |} जो की भारतीय जनता पार्टी के लिए ”राम ” नाम की उप्लभ्धी बन जाएगी | यानि 100 रुए का एक ‘राम ‘ | 99 रूपये के बाद 100 रूपये न होकर एक राम ..| एक लाख रूपये गिनने की जरूरत नहीं होगी | दस हजार रूपये के 100 ‘ राम ‘ | 1000 ‘राम’ के एक लाख | छुट्टा भी100 रूपये के नोट की जगह एक ”राम” का ही होगा | कितना सुगम हो जायेगा एक लाख की गिनती 1000 ‘राम’ हो जाएगी | डॉलर भी भारतीय ‘राम’ के आगे घुटने टेकेगा | एक ‘राम’ का मूल्य डॉलर से ऊँचा हो जायेगा | एक ‘ राम ‘ का डेड डॉलर ..| मजदूरों की मजदूरी भी 500 रूपये से 5 ‘राम’ ही देनी पड़ेगी | 50 हजार रूपये के स्कूटर केवल 500 ‘राम’ के मिल जायेंगे | कभी किसी युग मैं मिला है पांच सौ रूपये का स्कूटर ……? पांच लाख की कार भी केवल 5000 ‘राम’ की मिल जाएंगी | एक करोड़ रूपये सिर्फ एक लाख ‘राम’ तक ही गिनने पड़ेंगे |.करोड़ों रूपये की प्रॉपर्टी जिसको सुन कर घबराहट होती है ,लाखों ‘राम’ मैं सिमटकर उत्साह्बर्धन करेगी | बच्चों को भी एक राम जेब खर्च देकर संतोष पा लेंगे |………………होटल मैं खाने का एक दो ‘राम’ ही देना पड़ेगा | सोने का मूल्य तीन चार हजार ही गिरा है किन्तु ‘राम’ की कृपा होते ही 100 गुना गिर जायेगा यानि वर्तमान मैं 26 हजार रूपये के ,केवल260 ‘राम’ पर ही मिल जायेगा | मंहगाई का रोना रोने वालों के मुंह मैं फेविकोल लग जायेगा |…………………………………………..’.राम ‘ की महिमा कितनी होती है अब स्वयं ही सिद्ध हो जायेगा | हजारों वर्षों से राम की महिमा को समझते हुए ही तो राम के नाम को अपने आगे पीछे लगाकर भी अपने को महान सिद्ध करते रहे हैं | वे चाहे आशाराम हों या राम पाल ….| हर 100 मैं एक नाम राम मय मिल ही जाता है | धन को लक्ष्मी स्वरुप माना जाता है इसलिए धन यानि लक्ष्मी के पति विष्णु के अवतार राम को मुद्रा स्वरुप मेल हिन्दू धर्म मर्यादा को और भी म्हणता पर स्थापित करेगा | राम राज्य के स्वप्न को पुनः साकार कर दिखा चुके मोदी जी और उनकी भारतीय जनता पार्टी के लिए इससे उत्तम मर्यादा स्वरुप उपलब्धी और क्या हो सकती है | कांग्रेस तो कांग्रेस ,भारत मैं कम्युनिष्ट विचारधारा वाले अधर्मी भी ‘राम’ के नाम को नहीं प्रतिस्थापित कर सकेंगे | ‘राम’ नाम हर भारतीय का क्या ,सम्पूर्ण विश्व का अंग हो जायेगा | कितना उत्तम होगा ‘राम’ नाम लेते लेते सम्पूर्ण विश्व वैकुण्ठ अवश्य जायेगा | कोई भी पापी तो रह ही नहीं सकता | पाप करते करते उसके पाप स्वतः ही धुलते रहेंगे | ‘राम’ का नाम मुंह मैं तो होगा ही सबकी जेब मैं रह क़र भी मुक्ति मार्ग देते शांति प्रदान करेगा | पापों को धोने का सबसे सुगम उपाय गंगा स्नान भी न कर सकने वाले पापिओं के लिए ,और उससे भी सुगम उपाय महात्मा गांधी स्वच्छता अभियान मैं भी झाड़ू न लगा सकने वाले पापिओं के लिए ‘राम’ स्वतः ही मुक्ति प्रदान कर देगा | ,………………………………………………………………………………..यह सब एक कपोल कल्पित धारणा नहीं | ऐसा हमारे देश के महान संत पुरुष महेश योगी जी पहिले ही कर चुके हैं | किन्तु मैनेजमेंट क्षमता संकुचित परिवेश ही पा सकी |देश से अधिक वह विदेश में लोकप्रिय थे. नीदरलैंड में तो उनके द्वारा बनाई गई मुद्रा “राम” का चलन भी है. नीदरलैंड की डच दुकानों में एक राम के बदले दस यूरो मिल सकते हैं. ग्लोबल कंट्री ऑफ वर्ल्ड पीस के पास इतनी संपत्ति है जितना भारत के एक राज्य की वार्षिक कमाई. 250 अरब की संपत्ति के मालिक महर्षि महेश योगी कई कामों में पैसा लगाते थे जैसे शिक्षा और प्रॉपर्टी. बिटलस के साथ उनकी निकटता की वजह से ही उन्हें विदेशों में इतनी सफलता मिली. लेकिन उनके पास जो बेशुमार दौलत है उसमें से ज्यादातर पैसा धर्म के नाम पर ही कमाया गया है.|………………………………………………………………. अब भारतीय जनता पार्टी और क्षमतावान युग पुरुष मर्यादा राम से मोदी जी अवश्य यह सब कुछ हिंदुस्तान मैं साकार कर देंगे | मंहगाई के बोझ से जूझते आम जन राम राज्य की मुद्रा ‘राम’ पाकर कृतार्थ हो जायेंगे | अब घोटाले भी करोड़ों से सिमट कर लाखों को भी नहीं पार कर सकेंगे | अंगरेजी का रुपया अपने आप सिमटकर ‘राम रुपया’ रह जायेगा | कांग्रेस ने असख्य नाम हिन्दीकरण किये किन्तु भारतीय जनता पार्टी का एक नाम का हिन्दीकरण ही युगों युगों तक अमिट हो जायेगा | जैसे गरीबों की चाय ,और अमीरों की बुलेट ट्रैन | गरीबों के शौचालय और अमीरों की विकसित द्वारिकाएं..( स्मार्ट सिटी ).. | वैसे ही अंग्रेजों की रुपया मुद्रा और भारतीयों के ‘राम’ | यानि ”राम रुपया” …| कलियुग मैं भी राम राज की परिकल्पना मोदी जी ‘राम रुपया’ से पूरी कर देंगे ………………………………………………………………………………………..रघु राम जी भी राम के प्रभाव मैं हैं अतः उनको भी इस धारणा पर कोई आपत्ति नहीं होगी | अर्थ व्यवश्था के लिए यह स्वर्ण मय युग सिद्ध हो जायेगा | सेंसेक्स जहाँ नयी नयी उंचाईयां पाता जा रहा है ‘राम’ के आते ही डॉलर भी पानी भरेगा | भारत का धन काला रूप पा चूका है | 500 और1000 के नोटों मैं छुपा है यह …| 500 और1000 के नोटों को बंद करके गोरे और काले धन की पहिचान भी करा देगा ‘राम ‘……| संसद भी काले धन के खात्मे से जय जय कर कर उठेगी | अब राम भी ‘राम’ नोटों की पूज्य लक्ष्मी होंगे | लक्ष्मी नारायण अब साथ साथ शांति प्रदान करते रहेंगे |……………………………………………...ओम शांति शांति शांति

5 rupees back

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अगले अंक मैं जारी क्रमसः ……………….



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
November 29, 2014

श्री हरिश्चन्द्र जी अभी तो मोदी जी केवल निवेश मांगते हुए दुनिया में घूम थे हैं देखिये क्या निवेश आता हैं दिलचस्प लेख डॉ शोभा

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    November 29, 2014

    शोभा जी आभार निवेश से भी महत्वपुर्ण काला धन है जिसको विदेश मै तलाशा जाता है किंतु विदेश से अधिक देश मैं ही छुपा है काला धन । राम रुपया सब काले धन का नाश कर देगा । मोदी युग के राम राज्य की पहिचान बन जायेगा । क्या मोदी जी अपने पैरों पर कुल्हाडी मार सकेंगे । ओम शांति शांति


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