PAPI HARISHCHANDRA

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मोदी की बुलेट ट्रैन निवेशकों को ले डूबी

Posted On: 8 Jul, 2014 हास्य व्यंग,Politics,Others में

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रोटी ,कपडा और मकान से जूझते भारत की प्रजा बुलेट ट्रैन के सपनों मैं ही दुर्घटना ग्रष्ट हो गयी | निवेशक कुछ समझ पाते इससे पहिले सब कुछ लूटा बैठे | क्या चीन जापान की तरह बुलेट ट्रैन चलना क्या स्वप्न मैं भी दुखदायी हो गया | जिस देश मैं साधारण ट्रेनों मैं ठूसम ठास यात्री ही नहीं संभल पाते उनकी सुविधा तो दूर यात्रा करना भी दुश्वार होता है | वहां बुलेट ट्रैन कैसे धन पर कब्ज़ा करते साधारण ट्रैन को और भी दुश्वार कर सकती है | आखिर हुआ क्या …? क्यों निवेशक घबरा कर भागने लगे | …………….हवाई जहाज से , ट्रैन मैं सफर करते बचत करते हैं |उससे नीचे के गरीब ,एक्सप्रेस ,उससे नीचे साधारण क्लास की ट्रैन मैं सफर करते हैं | उससे नीचे के पैसेंजर ट्रैन से काम चला लेते हैं | कोई साईकिल से तो कोई पैदल ही | कितने होंगे बुलेट ट्रैन से यात्रा करने वाले ….? १५० करोड़ के देश मैं एक करोड़ भी नहीं यात्रा करेंगे इस बुलेट ट्रैन मैं | फिर 140 करोड़ जनता का निवाला छीनकर बुलेट ट्रैन पर खर्च कर चीन जापान की बराबरी की जा रही है | पहला काम तो भारतीय रेल के लिए यही है की चली आ रही व्यवश्था को सुचारू बनाया जाये जो जन साधारण के काम की हो | 140 करोड़ जनता को लुभावनी बुलेट ट्रैन के सफर का आनंद का ख्वाब को साकार रूप देने का ठेका आजतक के पास है | जो शायद अपने लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाई | निवेशक समझ गए भागो ,अभी निकलो बजट का इंतजार करो | कुछ पता नहीं नए मुस्लमान का ,प्याज ही ज्यादा खाता जायेगा | या गंगा की सुदढीकरण पर ही धन लूटा दे | या बुलेट ट्रैन पर न्योछावर हो जाये | कुछ पता नहीं चल रहा है यह सरकार किस करवट बैठेगी …? गरीबों की रहनुमा होगी ,व्यवसायियों पर न्योछावर होगी , गंगा जागरण पर धन लुटायेगी ,धरा ३७० समाप्त करेगी ,बुलेट ट्रैन चलाएगी ,अमेरिका से दोस्ती करेगी ,चीन से हाथ मिलायेगी ,रूस के बगल मैं बैठ जाएगी | मुस्लिम देशों का क्या सम्बन्ध होगा | सरकार मजबूत है किन्तु संभल के पाहिले चल तो देख लो | ऊंट की करवट तो देख लो किधर को बैठ रहा है | कहीं आज की तरह सब कुछ तहस नहस न होता जाये | भगवन भला करे रेल बजट का जो कुछ आभास तो करा दिया | …………………………..मुख्य आर्थिक बजट तो अवश्य ही पोल खोलता नजर आ ही जायेगा | तब तक संभल के ही रहना होगा | भगवन तेरा सहारा ,बजट तेरा सहारा कुछ तो उबरेंगे | बरना बुलेट ट्रैन के ख्वाब ही ले डूबेंगे | अभी तो आसमान से गिरे खजूर मैं ही लटके हैं | |. राम .जाने क्या होगा …? ……………………..……………….ओम शांति शांति शांति

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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogi sarswat के द्वारा
July 10, 2014

हरिस्चन्द्र जी , बुलेट ट्रैन में हम बैठे न बैठे ,कम से कम सर तो उठा लेंगे औरों के सामने भी की देखो , म्हारे यहां भी बुल्लेट ट्रैन चाल्लै सै !

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    July 11, 2014

    योगी जी आभार आम जनता के पेट काटकर चलने वाली बुलेट ट्रेन को देखने के लिए भी टिकट लॆना कठिन होगा उसे तो साधारण क्लास के डिब्बे मैं ही गाली गलौज करते ही ओम शांति शांति की कल्पना से सफर करना होगा 

shakuntlamishra के द्वारा
July 9, 2014

आसमान से खजूर तक आये है न जमी पर तो आ ही जायेंगे हरी जी !ओम शांति …

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    July 10, 2014

    शकुंतला मिश्रा जी आभार कुछ बचेगा तो फिर लम्बी साॅस खींच कर छलांग लगायेंगे ओम शांत शांति 

Imam Hussain Quadri के द्वारा
July 9, 2014

मेरे दोस्त आपने बात तो सही कही है मगर यहाँ लोगों को ये बातें अच्छी नहीं लगेंगी क्यूंकि अभी नमो चाय और नमो रेल की रेला है जहाँ पर पूरी जनता ने इस सरकार को सजाया है अभी कुछ होश आया है कुछ होश आने वाला है . बहुत सच्ची बात है आपकी .

    PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
    July 9, 2014

    हुसैन साहब आभार छप्पड फाड कर जब ऊपर वाला देता है तो बौखलाहट हो ही जाती है ओम शांति शांति


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