PAPI HARISHCHANDRA

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राहुल गांधी या नमो .....नमः ,,पुनर्जागरण ,jagran juction forum

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राहुल गांधी के कार्य कलाप आलोचको के लिए एक विषय हो सकते है प्रसिद्ध स्तम्भकार ,राजनीतिज्ञ ,या अन्य बुद्धिजीवी ,क्या नादान नहीं दृष्टि गोचर हो रहे हैं जो राजनीती को नहीं समझ पा रहे है ,साधारण जन समुदाय राहुल गांधी को नादान समझें,,, यह तो साधारण बात है विपक्षी ,राजनीतिज्ञ आलोचना का पॉइंट मानकर खिचाई करते है ,लेकिन स्तम्भकार राजनीती को अवश्य समझते होंगे ,, …………………………………………………….राहुल गांधी का एक एक कार्य कलाप ,भाषण वक्तब्य ,भावनाओ से दिया गया नहीं होता सब पूर्व नियोजित नाप तोल कर ही दिया जाता है ,खाद्य सुरक्षा अधिनियम ,फिर दागी सांसदों या विधायको वाला विधेयक ,उस पर दिया बक्तव्य ,प्रधान मंत्री मन मोहन सिंह को आत्म बोध कराना क्या सोचा समझा नहीं था ,,,? ,………………………………………………………………………………………………………….कांग्रेस में नेहरू परिवार वोट बैंक के उत्पादक के रूप में महत्वपूर्ण होता रहा है ,चाहे वह जवाहर लाल नेहरू हों इंदिरा गांधी ,संजय गांधी ,राजीव गांधी ,सोनिया गांधी ,…………….इनका वोट हासिल करने या कांग्रेस को संगठित रखने के लिए उपयोग करना कांग्रेस की मजबूरी रही है ,जब नेहरू के बाद इंदिरा गांधी को दिग्गज कांग्रेसियों ने नकार कर सिंडिकेट कांग्रेस बनाई, तब कांग्रेस (इ) को कमजोर कांग्रेस माना गया था लेकिन वहीँ पेटीकोट गवर्नमेंट के नाम से प्रताड़ित की जाने वाली कांग्रेस ने अपनी क़ाबलियत प्रभावपूर्ण ढंग से स्थापित की ,उसके बाद संजय गांधी ,राजीव गांधी ,सोनिया गांधी ,को भी नादान मानकर ही स्थापित होना पड़ा फिर उन्होंने कालांतर में झंडे गाड़े,स्वयं भी स्थापित होकर कांग्रेस पार्टी को भी संजीवनी दी ………………………………………………………………..अब वही गलती स्तम्भकार ,राजनीतिज्ञ ,व अन्य साधारण जन भी राहुल को नादान मानकर उनकी हरकतों या भाषणो ,बक्तव्यों को आलोचना का केद्र बना रहे हैं ,,युवराज या शहजादे कहकर खिचाई करना राहुल को प्रचार देकर उनके महत्व को बड़ा ही रहा है ,,यह राहुल के लिए प्रचार का माध्यम ही बन रहा है ………………………………………………………………………………एक सिंह की दहाड़ वाले, अनुभवी कुशल राजनीतिज्ञ नरेंद्र मोदी के सामने राहुल गांधी की बचकानी नादानी भरी भाषण शैली उन्हें प्यारा और आकर्षक ही बना रही है ……………………………………….बुद्धिमान आलोचको की संख्या कितनी होगी वोट देने वाली साधारण जनता तो नादान ही होती है यह प्लस पॉइंट ही है …………………………………दागी सांसदों वाला विधेयक वापस लेकर राहुल ने पूर्व स्थापित दिग्गजों में अपने प्रभाव को दर्शाकर उन्हें गम्भीर कर दिया वहीँ यह भी दर्शाया कि दागी या पूर्व स्थापित सांसद या विधायक स्वयं ही फ़िल्टर होते जायेंगे और आशंकित हो नतमस्तक होते जायेंगे ,यानी मेनेजमेंट अपने आप ही होता जायेगा ,युवाओं को टिकेट मिलना स्वाभाविक होता जायेगा ,पार्टी स्वयं ही अनुशासित होती जायेगी ,,,,संजय गांधी ने भी इंदिरा गांधी को नेता न स्वीकार करने वाले नेताओ से सीख लेकर ही युवाओं को मौका देकर बहुमत हासिल किया था ……………………………………………………….राजीव गांधी नादान ही थे स्वतंत्रता दिवश और गणतंत्र दिवश भी पता नहीं था ,,,सोनिया गांधी को तो हिंदी आती ही नहीं थी ……………….नरेंद्र मोदी चाहे कितने भी कुशल अनुभवी भाषण शैली वाले दहाड़ते वक्ता नेता क्यों न हों वह डरावने लगते जायेंगे आम नादान जन को ,……………………………….वहीँ नादान राहुल गांधी आकर्षक होते वोट बैंक बनाने ,कांग्रेस को संगठित करने वाले ही सिद्ध होते जायेंगे ,,,………………………………….प्रधान मंत्री पद स्वीकार करें या न करें सोनिया गांधी की तरह ही अपनी स्तिथी भी बना सकते हैं मनमोहन सिंह दो कार्यकाल सफलता से पूर्ण कर चुके हैं अब प्रधान मंत्री न भी बने ,अन्य मनमोहना की पार्टी में कमी नहीं है ,,राहुल सिर्फ वोट हासिल करने पार्टी संगठित करने के आकर्षक स्तम्भ बनाये जाते रहेंगे ,,कूटनीति राजनीती ,सम्पूर्ण भारत में व्यापकता पार्टी को मजबूती देती रहेगी ,सरकार बनाने की स्तिथी कांग्रेस के पास सर्व प्रथम ही रहेगी जब तक पार्टी विभाजित न हो ,,पार्टी को एक रूप देने के लिए ये ही मुख्या कारक हैं इन नादान राहुल गांधी की नादानी को प्रेम से झेलने की ,,…………………………………………………………………………………………………. हर राज्य में अल्टरनेटिव पार्टी गठबंधन कांग्रेस के पास है ,एक नहीं दूसरा ,,,,………………………..दहाड़ता रहे विपक्ष कोई फर्क नहीं पड़ने वाला जितने प्रभावशाली ढंग से नरेंद्र मोदी अपने आप को उभारते जा रहे हैं क्या होगी प्रतिक्रिया ?भा . ज .पा का उभरना ,खासतौर से हिन्दू एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ समर्थित नेता की भयंकर दहाड़ ,हुंकार ,और भीड़ दूसरे वर्ग को भयभीत ,आतंकित ही कर रही है ,जो भयभीत होकर आतंकित होकर नादान समझे जाने वाले राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस के दामन में ही शांती पायेगी ,,यही राहुल की नादानी का फायदा होगा कांग्रेस को ,, पटना में हुए बम धमाके ऐसी भय की प्रतिक्रिया हो सकती है ,,कमजोर ,अपरिपक्व ,नादान ,लगने वाले राहुल फिर वोट दिलाने वाले या कांग्रेस को संगठित करने वाले ही होंगे मुस्लमान भ्रमित चाहे कितना भी क्यों न हो लेकिन जहाज के पंक्षी की तरह लौट कर जहाज में ही बैठेगा ,….यह कांग्रेस का भाग्य ही है ,,…………………………………………………………………..”..साम्प्रदायिकता और लक्षित हिंसा निरोधक विधेयक ” संसद में पेश होने वाला है जो की अल्पसख्यकों के हित को दर्शाता है ,जिसके अनुसार साम्प्रदायिक हिंसा का शिकार मुसलमानो को ही माना गया है ,और दोषी बहुसंख्यकों को ही माना जायेगा ,जिसके खिलाफ मुसलमान शिकायत करेगा तो हिन्दू गिरफ्तार होगा ,,हिन्दू या बहुसख्यक करेगा तो मुसलमान नहीं ,,ऐसे कानून का लालच और भी कांग्रेस की ओर आकर्षित करेगा ,,क्यों नहीं कांग्रेस को ही रहनुमा समझेगा मुसलमान ,,………………………………………………………………………………….जहाँ शेर की दहाड़ से घबड़ायेगा तो वहीँ आकर्षक लुभावने ,और चिर परिचित में ही अपना संरक्षण मानेगा ,,इस विधेयक का विरोध करने वाले किस मुँह से वोट मागेंगे ,,कानून बने या न बने कांग्रेस ही लाभान्वित होगी ,………………………………………………………………..,.खाद्य सुरक्षा कानून का पूरा श्रेय लेने के लिए कांग्रेस ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली का नामकरण इंदिरा गांधी के नाम पर करने का फैसला किया है अब यह ………………” इंदिराम्मा अन्न योजना “………कहलायेगी ,यानि अब अन्य कोई पार्टी इस गरीब को शांति देने वाले कानून का श्रेय नहीं ले पायेगी ……………………………………………………………..,इससे पहले भी केद्र व राज्य सरकारों कि ५० से अधिक योजनाएं या परियोजनाएं नेहरू , संजय ,राजीव, इंदिरा के नाम से चल रही हैं ,यदि विश्वविद्यालयों ,शैक्षिक संस्थानो ,हवाई अड्डों ,पुरस्कारों ,फेलोशिप्स ,प्रतियोगिताएं को जोड़ा जाये तो ये गिनती ५०० के आस पास पहुच जायेगी ,,यानि कि राहुल गांधी को अपनी नादानी का कोई खामियाजा नहीं भुगतना पड़ेगा ,,,सब स्वतः ही होता रहेगा ……………………………………………………..,विपक्ष ने संसद में इसको कानून बनाने में सहयोग देकर श्रेय में भागीदारी चाही वो नगण्य हो जायेगी ,,,अब नाम ही” इंदिराम्मा अन्न योजना “हो गया ,,,,,,,,,………………………………………………………………………………………………………………बस यही आरती गाते रहो …………………………………………………………राहुल गांधी नमो नमः ……………………………………………………….कांग्रेस महासचिव नमो नमः ……………………………………………………..भावी प्रधान मंत्री नमो नमः ………………………………………………………इंदिरा के नाती नमो नमः ……………………………………………………….नेहरू के वंशज नमो नमः ………………………………………………………राजीव की संतान नमो नमः ……………………………………………………. सोनिया की संतान नमो नमः ………………………………………………………..गांधी गांधी नमो नमः ……………………………………………………..लुभावनी मुस्कान नमो नमः ………………………………………………..कांग्रेस के पालन हार नमो नमः ………………………………………………..शहीदों के वंशज नमो नमः ……………………………………….देश के गौरव नमो नमः …………………………………ॐ शांति शांति शांति



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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

deepakbijnory के द्वारा
November 1, 2013

उम्दा लेखन कमाल का लिखते हैं हरीश चन्द्र जी

sadguruji के द्वारा
October 31, 2013

आदरणीय पापी हरिश्चंद्र जी,आपने.बहुत बढियां लिखा है.बधाई.आपने सही लिख है कि-”नरेंद्र मोदी चाहे कितने भी कुशल अनुभवी भाषण शैली वाले दहाड़ते वक्ता नेता क्यों न हों वह डरावने लगते जायेंगे”ये भी आप ने ठीक लिखहै-”मुस्लमान भ्रमित चाहे कितना भी क्यों न हो लेकिन जहाज के पंक्षी की तरह लौट कर जहाज में ही बैठेगा “

Imam Hussain Quadri के द्वारा
October 31, 2013

बहुत ही सही और कडुआ सच आपने लिख दिया मुमकिन है के आप उन लोगों के लिए अच्छे हैं जिनकी गिनती कम है जो अंधविश्वासी नहीं हैं मगर देश कि जनता अब जग रही है . बहुत ही सुन्दर लेख है आपका धन्यवाद


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