PAPI HARISHCHANDRA

SACH JO PAP HO JAYEY

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हे कृष्णा , अब किस कंस का इंतजार है अब तो अवतार लो प्रभो

Posted On: 27 Aug, 2013 में

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हे भगवन , दुनिया के सब जीव आपके जन्म का इंतजार कर रहे है अब किस कंस का, रावण का , या पाप का इंतजार है ,,,,,,बुध वार भी है रोहिणी नक्छात्र भी है और अष्टमी भी ,,,,,,,,,, दुनिया मै एक नहीं पग पग पर कंस ,रावण, हो चुके है किसे कैसे पहचाने , जिसमे हे प्रभो आप को ,आपके रूप का आभाष करते है वो भी कंस या रावण ही निकल रहा है अब देर न करो ,बहूत सहन कर चुके है इस लोक के वासी ,,,,,,,,, ,,,,,,कंस रावण के रूप तो पहचान कर बचाव कर लेते है किन्तु हर दूसरा छदम भेस मै रावण या कंस ही निकलता है अब तो अपने किये वादे को याद कर अपना बचन निभाओ ,और दुष्टों का नाश करो ,,,अपने बचन को स्मरण करते हुए हम दीन,दुखियों जीवों पर उपकार करो अब तो अवतार लो ,,, जिस कर्म को आपने सत्कर्मो के लिए मुक्ति का काराक बताया उसे दुस्टो ने दुस्कर्मो मै परवर्तित करके आम जन का सुख चैन हर लिया है जो उपदेश आपने गीता मै दिए उन्हे पापियों ने अपने तरह से प्रयोग कर लिया है , ,,,,,अब तो आओ पापियों का नाश करो धरम की फिर स्थापना करो ,,,,,,,जिस राजा को, शासक को , हम आपका रूप मानकर मान सम्मान देते है वो कुर्सी और पद के लिए सारे दुष्कर्म करते हुए नहीं चेतता,,,,,,,,,जिस संत महात्मा को आप के रूप का,आपके मिलन का ,पापों के ,दुखों के दूर करने का मार्ग दर्सक समझते है वो भी ढोंगी पाखंडी ही निकलता है हे प्रभो सब जीव, जंतु, प्राणी ,यहाँ तक प्रकृति भी आप के अवतरण का इंतजार कर रही है प्रभो अब तो आ भी जाओ ,,,,,गीता का ज्ञान देकर आपने मुक्ति का मार्ग दिया उसे पापियों ने जानकर अपने लिए चुन लिया वो सब कुछ नश्वर मानकर दिल खोलकर पाप मै लीन है किसी को किसी भी अधर्म का, पाप का ,भय नहीं रह गया है ,,,अपने अपने आराधक को भी सिर्फ भय या अपने को, अपने धर्म को , दुसरे के धर्म से महान सिद्ध करने को ही प्रतिद्वंदिता से ,दुसरे के धर्म को नीचा दिखाने ,,भयभीत करने को ही उपयोग करते है धर्म क्या है इसकी परिभाषा नहीं जानते ,राजनीती धर्म सब की परिभासायें बदल चुकी है प्रभो यदि धर्म की पुनः स्थापना करनी हो तो अबकी अवश्य ही ,,,,,,अवतार लो ,,,,,,,,,,,,,आपके अवतरित होने तक मै ॐ शांति ,,,,शांति ,,,,शांति ,,,,का जाप करता रहूँगा ,,,,,,,,,अब की बार निराश न कारना ,,,,,,,,,,,,,

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1 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Madan Mohan saxena के द्वारा
August 28, 2013

वाह . बहुत उम्दा प्रस्तुति . हार्दिक आभार आपका ब्लॉग देखा मैने और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये. जन्माष्टमी की शुभकामनाएं


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